बाबूलाल मरांडी का आरोप: JPSC-JSSSC आंदोलनकारी छात्रों पर एकतरफा FIR, रांची सदर CO कार्यालय में BJP का विरोध
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 25 अगस्त 2026 को रांची में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी सीजीएल (JSSSC CGL) परीक्षा में कथित धांधली के विरुद्ध आंदोलन कर रहे छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई की गई है। मरांडी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रांची सदर अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी के कार्यालय पहुँचे और पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
मरांडी के अनुसार, छात्रों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण पुतला दहन किया था। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्यक्रम में व्यवधान डाला और कथित तौर पर छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बावजूद प्रशासन ने मुकदमा छात्रों पर दर्ज किया, जबकि हंगामा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि घटना से जुड़े कई वीडियो और साक्ष्य सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं, जिनसे स्पष्ट हो सकता है कि उस दिन हंगामा किसने किया। उन्होंने दंडाधिकारी से माँग की कि पहले उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो जिन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ी।
JMM पर आरोप
मरांडी ने आरोप लगाया कि घटना के दिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर छात्रों के शांतिपूर्ण कार्यक्रम में हंगामा किया। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि दंडाधिकारी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और अधिकारियों को सरकार की कठपुतली बनकर नहीं, बल्कि कानून और विधि सम्मत तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
BJP की चेतावनी
मरांडी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई, तो BJP कार्यकर्ता दंडाधिकारी के कार्यालय के समक्ष धरना देंगे। इस दौरान BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, विधायक सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, वरुण साहू सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में JPSC और JSSSC CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। गौरतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग राज्य में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। यदि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता, तो आंदोलन और तेज होने की आशंका है।
क्या होगा आगे
BJP ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। सदर CO कार्यालय से माँग पत्र सौंपे जाने के बाद अब नज़रें प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं — क्या दंडाधिकारी दोनों पक्षों पर समान कार्रवाई करेंगे या मामला राजनीतिक खींचतान में उलझा रहेगा।