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झारखंड विधानसभा में JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर BJP का प्रदर्शन, मरांडी ने फिर उठाई CBI जांच की मांग

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झारखंड विधानसभा में JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर BJP का प्रदर्शन, मरांडी ने फिर उठाई CBI जांच की मांग

सारांश

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन JPSC-JSSC भर्ती विवाद की आग में रहा। BJP विधायक 'न्याय चाहिए, धोखा नहीं' लिखे मास्क पहनकर सदन में पहुंचे, जबकि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा — युवाओं का भरोसा टूट चुका है, निष्पक्ष जांच केवल CBI ही कर सकती है।

मुख्य बातें

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन 6 अगस्त को JPSC और JSSC भर्ती परीक्षा विवाद सदन के केंद्र में रहा।
BJP विधायकों ने 'न्याय चाहिए, धोखा नहीं' लिखे मास्क पहनकर सदन में विरोध दर्ज कराया।
आजसू विधायक निर्मल महतो कथित 'रेट लिस्ट' अंकित पोस्टर जैकेट पहनकर विधानसभा पहुंचे।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता दांव पर है और CBI जांच ही एकमात्र निष्पक्ष विकल्प है।
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट सत्र के आश्वासनों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट सदन में पेश की।

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन 6 अगस्त को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह केंद्र में रहा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने रांची स्थित विधानसभा परिसर में कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदर्शन किया और इन भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग को लेकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।

मास्क और पोस्टर जैकेट — विपक्ष का प्रतीकात्मक विरोध

सदन की कार्यवाही शुरू होने पर BJP विधायक मास्क पहनकर सदन में पहुंचे। इन मास्कों पर लिखा था — 'न्याय चाहिए, धोखा नहीं।' यह प्रतीकात्मक विरोध सदन में चर्चा का विषय बना। इसी क्रम में आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो एक पोस्टरनुमा जैकेट पहनकर पहुंचे, जिस पर जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न नियुक्तियों की कथित 'रेट लिस्ट' अंकित थी। इस जैकेट ने विधानसभा परिसर में व्यापक ध्यान आकर्षित किया।

सदन के भीतर विपक्ष का दबाव

सदन के अंदर भी BJP सदस्यों ने छात्रों के आंदोलन के समर्थन में सरकार से स्पष्ट जवाब माँगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर सरकार को पारदर्शी रुख अपनाना चाहिए। शोर-शराबे के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने प्रारंभिक कार्यवाही जारी रखी। बाद में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पिछले बजट सत्र के दौरान सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट सदन में पेश की।

मरांडी की CBI जांच की मांग

सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की कई भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं और युवाओं का भरोसा पूरी तरह टूट गया है, इसलिए निष्पक्ष जांच केवल CBI ही कर सकती है।

मरांडी ने तर्क दिया कि यदि सरकार को अपनी भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा है, तो उसे CBI जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने माँग की कि जिन परीक्षाओं में धांधली की आशंका है, उनकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की खबरों ने परीक्षार्थियों में गहरी निराशा पैदा की है। BJP ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाती रहेगी और छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है।

आगे क्या होगा

विपक्ष की माँग है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बहाल करे और युवाओं का विश्वास लौटाने के लिए ठोस कदम उठाए। मानसून सत्र के शेष दिनों में यह मुद्दा सदन में और तीखा होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इसे प्रमुख एजेंडा बनाने पर अड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक असंतोष की अभिव्यक्ति है जो JPSC-JSSC की कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों में धधक रही है। असली सवाल यह है कि सत्तारूढ़ दल सदन में विपक्ष की CBI जांच माँग को किस तर्क से खारिज करेगा — क्योंकि राज्य एजेंसियों की साख पर पहले से ही सवाल हैं। मानसून सत्र के शेष दिन बताएंगे कि सरकार पारदर्शिता की दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है या यह विवाद महज राजनीतिक बयानबाजी तक सिमट जाता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के चलते छात्रों में व्यापक असंतोष है और विपक्षी दल CBI जांच की माँग कर रहे हैं।
BJP ने झारखंड विधानसभा में किस तरह विरोध दर्ज कराया?
6 अगस्त को मानसून सत्र के पहले दिन BJP विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और 'न्याय चाहिए, धोखा नहीं' लिखे मास्क पहनकर सदन में पहुंचे। आजसू विधायक निर्मल महतो कथित 'रेट लिस्ट' अंकित पोस्टर जैकेट पहनकर आए, जो चर्चा का विषय बना।
बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच की माँग क्यों की?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि JPSC और JSSC की कई भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं और युवाओं का भरोसा पूरी तरह टूट गया है। उनके अनुसार राज्य स्तरीय एजेंसियाँ निष्पक्ष जांच में सक्षम नहीं हैं, इसलिए केवल CBI ही यह काम कर सकती है।
सरकार की ओर से सदन में क्या कदम उठाया गया?
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पिछले बजट सत्र में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट सदन में पेश की। हालांकि विपक्ष के शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रारंभिक कार्यवाही जारी रखी।
इस विवाद का झारखंड के युवाओं पर क्या असर पड़ रहा है?
झारखंड में लाखों युवा सरकारी नौकरियों के लिए JPSC और JSSC परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की खबरों ने परीक्षार्थियों में गहरी निराशा और अविश्वास पैदा किया है, जिसके चलते छात्र आंदोलन भी तेज हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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