झारखंड: JPSC-JSSC छात्र आंदोलन में BJP पर भड़के कांग्रेस के 4 मंत्री, बोले — 'दूसरे राज्यों से बुलाए उपद्रवी'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों ने 12 अगस्त को रांची में संयुक्त प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। मंत्रियों ने दावा किया कि BJP ने छात्रों के आंदोलन की आड़ में उपद्रव फैलाने की सुनियोजित साजिश रची और इसके लिए बिहार, पश्चिम बंगाल तथा छत्तीसगढ़ से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार 10 अगस्त को विधानसभा में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन विपक्षी BJP ने सदन में बहस के बजाय मुख्यमंत्री आवास के घेराव का रास्ता चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा के गेट तक प्रदर्शनकारियों का पहुँचना संसदीय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है और इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जाँच होनी चाहिए।
किशोर ने दावा किया कि सरकार और प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम में संयम बरता, जबकि बाहरी तत्वों ने आंदोलन को हिंसक मोड़ देने की कोशिश की।
स्वास्थ्य मंत्री की रात्रि मुलाकात
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि वे देर रात बिना सुरक्षा के सदर अस्पताल पहुँचे और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात की। उनके अनुसार, छात्र नेता ने भी यह स्वीकार किया कि कुछ बाहरी लोग आंदोलन को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। अंसारी ने कहा कि सरकार छात्रों की करीब 95 प्रतिशत माँगें पहले ही मान चुकी है और शेष मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खुला है।
पेपर लीक का इतिहास और सरकार का रुख
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि किसी छात्र को चोट पहुँची है तो सरकार इसके लिए दुखी है। उन्होंने एक चौंकाने वाला आँकड़ा साझा करते हुए दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक राज्य में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन किसी एक मामले में भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जाँच कार्रवाई के बाद BJP उसकी दिशा को भटकाने का प्रयास कर रही है।
कृषि मंत्री की BJP से माफी की माँग
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के लिए सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर BJP की ओर से लगाए गए आरोपों को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि पुलिस ने तय नियमों के दायरे में रहकर स्थिति नियंत्रित की।
आगे की राह
चारों मंत्रियों ने एक स्वर में कहा कि सरकार JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जाँच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रति गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक टकराव का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए और सरकार संवाद के जरिए समाधान की दिशा में काम करती रहेगी।