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झारखंड JPSC-JSSC आंदोलन: 17वें दिन विधानसभा घेराव, एंबुलेंस से पहुंचे भूख हड़ताली देवेंद्रनाथ महतो

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झारखंड JPSC-JSSC आंदोलन: 17वें दिन विधानसभा घेराव, एंबुलेंस से पहुंचे भूख हड़ताली देवेंद्रनाथ महतो

सारांश

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 17वें दिन विधानसभा घेराव तक पहुंच गया। भूख हड़ताल से कमजोर पड़े देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से मोर्चे पर आए — यह संकेत है कि न छात्र झुकने को तैयार हैं, न सरकार ने अब तक कोई ठोस जवाब दिया है।

मुख्य बातें

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन 10 अगस्त 2026 को 17वें दिन भी जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की आठ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए झारखंड विधानसभा का घेराव किया।
भूख हड़ताली छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को एंबुलेंस से विधानसभा गेट पर लाया गया।
छात्रों की प्रमुख मांग: JPSC-JSSC कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया; सिटी एसपी पारस राणा ने शांतिपूर्ण निपटान का आश्वासन दिया।

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 10 अगस्त 2026 को अपने 17वें दिन भी जारी रहा, जब प्रदर्शनकारी झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए सड़कों पर उतर आए। पुलिस की आठ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, जबकि आंदोलन के प्रमुख नेता देवेंद्रनाथ महतो को उनकी बिगड़ती सेहत के बावजूद एंबुलेंस से विधानसभा गेट पर लाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र रांची की सड़कों पर जमा हुए और विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेडिंग के पास पानी की बौछार की गई। इसके बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। विधानसभा गेट पर पहले से ही बड़ी संख्या में छात्र जमा थे।

देवेंद्रनाथ महतो का बयान

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'भूख हड़ताल अभी भी जारी है और आगे भी जारी रहेगी। हम अभी विधानसभा पहुंचेंगे। सरकार को अब जाग जाना चाहिए।' अपनी बिगड़ती शारीरिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरी सेहत से ज्यादा जरूरी यहां के छात्रों की सीटें हैं, जिन्हें बेचा जा रहा है। मेरी सेहत बहुत कमजोर है लेकिन हालात और भी दर्दनाक हैं। यहां लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।' यह ऐसे समय में आया है जब महतो पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं और उनकी सेहत लगातार गिर रही है।

आंदोलन की मांगें

छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो और उनके साथी प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि यह आंदोलन 17 दिनों से जारी है और अब तक किसी ठोस सरकारी आश्वासन के अभाव में छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

पुलिस का रुख

रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने कहा, 'हमने घेराव रोकने की तैयारी नहीं की है। हमने किसी भी हिंसक स्थिति या हंगामा करने की कोशिश होने पर निपटने की तैयारी की है। अगर छात्र शांति से आते हैं, तो पुलिस भी शांति बनाए रखेगी। हमारी टीम भी स्थिति से शांतिपूर्वक निपटेगी।' प्रशासन का रुख संयमित दिखा, लेकिन वॉटर कैनन के इस्तेमाल ने तनाव की स्थिति को उजागर किया।

आगे क्या होगा

आंदोलन के 17वें दिन विधानसभा घेराव के बाद सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि झारखंड सरकार जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो आलोचकों का कहना है कि आंदोलन और तीव्र हो सकता है। देवेंद्रनाथ महतो की सेहत को लेकर भी चिंता बनी हुई है, जो अनशन जारी रखने पर अड़े हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सीबीआई जांच की मांग को राजनीतिक समर्थन मिलेगा या यह आंदोलन थकान से खत्म होगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन क्यों हो रहा है?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सीट बेचने के आरोपों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग इन गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और दोषियों पर कार्रवाई है।
देवेंद्रनाथ महतो कौन हैं और उनकी क्या भूमिका है?
देवेंद्रनाथ महतो इस छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता हैं, जो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। 10 अगस्त को बिगड़ती सेहत के बावजूद वे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव मार्च में शामिल हुए।
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने क्या कदम उठाए?
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आठ बैरिकेडिंग लगाई गईं। सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।
यह आंदोलन कितने दिनों से चल रहा है?
10 अगस्त 2026 को यह आंदोलन अपने 17वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान छात्रों ने लगातार प्रदर्शन जारी रखा है और अब विधानसभा घेराव तक पहुंच गए हैं।
सरकार ने अब तक आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
स्रोत के अनुसार 17 दिनों बाद भी झारखंड सरकार की ओर से कोई ठोस वार्ता प्रस्ताव या सीबीआई जांच का आदेश सामने नहीं आया है। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण निपटान की बात कही है, लेकिन मांगों पर कोई घोषणा नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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