झारखंड विधानसभा घेराव: 10 घंटे बाद लाठीचार्ज, देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस में उठाया; JPSC-JSSC जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया। करीब 10 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद शाम सात बजे पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल से विधानसभा के सामने की सड़क को खाली कराया। नौ दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस जबरन एंबुलेंस में बिठाकर प्रदर्शन स्थल से ले गई।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार सुबह करीब नौ बजे पुराने विधानसभा परिसर के निकट जुटे छात्रों ने दिनभर कई स्तरों की बैरिकेडिंग तोड़ी। शाम चार बजे तक प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेड भी पार कर लिया और बड़ी संख्या में विधानसभा के गेट नंबर एक के सामने पहुंच गए।
इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह टकराव हुआ। पुलिस ने पहले वाटर कैनन चलाई, फिर आंसू गैस के गोले दागे और अंततः लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की भी खबर सामने आई। इस झड़प में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।
देवेंद्र नाथ महतो की स्थिति
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो नौ दिनों की भूख हड़ताल के बावजूद सोमवार को एंबुलेंस और स्ट्रेचर के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्हें जबरन एंबुलेंस पर लादकर वहां से हटाया गया। महतो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है और तीन दौर की वार्ता के बाद भी कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।
छात्रों की मांगें
प्रदर्शनकारी छात्र मुख्यतः तीन मांगों पर अड़े हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को निरस्त करना, और पूरे भर्ती घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच कराना। इसके अलावा छात्र भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और वार्ता की स्थिति
गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी बात की चर्चा सीधे मुख्यमंत्री से होगी और जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
महतो ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और इसका असर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भी पड़ सकता है।
आंदोलन की मौजूदा स्थिति
शाम सात बजे पुलिस ने विधानसभा के सामने की सड़क तो खाली करा ली, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अलग-अलग समूहों में जमा होकर नारेबाजी कर रहे हैं। रवींद्र पासवान ने कहा कि यह आंदोलन अब जनआंदोलन बन चुका है और इसे रोका नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में इस संघर्ष का रूप और व्यापक होने की संभावना है।