10 अगस्त 2026
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झारखंड विधानसभा घेराव: 10 घंटे बाद लाठीचार्ज, देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस में उठाया; JPSC-JSSC जांच की मांग

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झारखंड विधानसभा घेराव: 10 घंटे बाद लाठीचार्ज, देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस में उठाया; JPSC-JSSC जांच की मांग

सारांश

झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के खिलाफ छात्रों का संघर्ष अब सड़क पर आ गया है। 10 घंटे के विधानसभा घेराव, लाठीचार्ज और 9 दिन से भूखे नेता देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस में उठाए जाने के बाद यह आंदोलन जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

मुख्य बातें

10 अगस्त 2026 को रांची में छात्रों ने JPSC-JSSC अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड विधानसभा का करीब 10 घंटे तक घेराव किया।
पुलिस ने वाटर कैनन , आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया; कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।
9 दिनों से अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस जबरन एंबुलेंस में बिठाकर ले गई।
छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा रद्द करने तथा CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।
सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता बेनतीजा; छात्र नेताओं ने अब सीधे मुख्यमंत्री से बात की शर्त रखी।
सैकड़ों छात्र विधानसभा से डेढ़ किलोमीटर दूर अभी भी डटे हुए हैं।

झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया। करीब 10 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद शाम सात बजे पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल से विधानसभा के सामने की सड़क को खाली कराया। नौ दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस जबरन एंबुलेंस में बिठाकर प्रदर्शन स्थल से ले गई।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार सुबह करीब नौ बजे पुराने विधानसभा परिसर के निकट जुटे छात्रों ने दिनभर कई स्तरों की बैरिकेडिंग तोड़ी। शाम चार बजे तक प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेड भी पार कर लिया और बड़ी संख्या में विधानसभा के गेट नंबर एक के सामने पहुंच गए।

इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह टकराव हुआ। पुलिस ने पहले वाटर कैनन चलाई, फिर आंसू गैस के गोले दागे और अंततः लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की भी खबर सामने आई। इस झड़प में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।

देवेंद्र नाथ महतो की स्थिति

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो नौ दिनों की भूख हड़ताल के बावजूद सोमवार को एंबुलेंस और स्ट्रेचर के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्हें जबरन एंबुलेंस पर लादकर वहां से हटाया गया। महतो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है और तीन दौर की वार्ता के बाद भी कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।

छात्रों की मांगें

प्रदर्शनकारी छात्र मुख्यतः तीन मांगों पर अड़े हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को निरस्त करना, और पूरे भर्ती घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच कराना। इसके अलावा छात्र भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और वार्ता की स्थिति

गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी बात की चर्चा सीधे मुख्यमंत्री से होगी और जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

महतो ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और इसका असर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भी पड़ सकता है।

आंदोलन की मौजूदा स्थिति

शाम सात बजे पुलिस ने विधानसभा के सामने की सड़क तो खाली करा ली, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अलग-अलग समूहों में जमा होकर नारेबाजी कर रहे हैं। रवींद्र पासवान ने कहा कि यह आंदोलन अब जनआंदोलन बन चुका है और इसे रोका नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में इस संघर्ष का रूप और व्यापक होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मिलकर सरकार की संवाद-क्षमता पर सवाल उठाते हैं। नौ दिन से भूखे एक नेता को एंबुलेंस में उठाकर ले जाने की छवि राज्य के लिए राजनीतिक रूप से महंगी साबित हो सकती है। असली परीक्षा यह है कि सरकार CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाती है या दमन से आंदोलन को और व्यापक बनने देती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड विधानसभा घेराव का कारण क्या था?
छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मुख्य मांगें हैं — 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की CBI जांच।
देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और उन्हें क्यों एंबुलेंस से ले जाया गया?
देवेंद्र नाथ महतो इस छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता हैं, जो विधानसभा गेट नंबर एक के सामने नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान 10 अगस्त को उन्हें जबरन एंबुलेंस पर बिठाकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की भी खबर आई। कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता का क्या हुआ?
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रहीं। रविवार को तीसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद ही सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया था।
क्या आंदोलन खत्म हो गया है?
नहीं। शाम सात बजे पुलिस ने विधानसभा के सामने की सड़क खाली करा ली, लेकिन सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अभी भी डटे हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन जारी रहेगा और अब सीधे मुख्यमंत्री से बात होगी।
राष्ट्र प्रेस
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