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रांची: JPSC-JSSC अनियमितता पर छात्रों का विधानसभा घेराव, पथराव-लाठीचार्ज में कई घायल

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रांची: JPSC-JSSC अनियमितता पर छात्रों का विधानसभा घेराव, पथराव-लाठीचार्ज में कई घायल

सारांश

JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले के विरोध में रांची की सड़कें रणक्षेत्र बन गईं — हजारों छात्र विधानसभा से 200 मीटर तक पहुँचे, पथराव और लाठीचार्ज में कई घायल। तीन दौर की वार्ता विफल होने के बाद युवाओं का गुस्सा अब सड़क पर है।

मुख्य बातें

10 अगस्त को रांची में JPSC-JSSC अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा घेराव का प्रयास किया।
पथराव और लाठीचार्ज में कई छात्र व पुलिसकर्मी घायल; एक छात्र के सिर से खून बहा, एक पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
प्रशासन द्वारा वाटर कैनन के उपयोग के बावजूद छात्र विधानसभा से मात्र 200 मीटर पहले तक पहुँचे।
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो की मध्यस्थता के बाद छात्र सड़क पर बैठकर धरने पर चले गए।
छात्रों की माँग — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द, भर्ती सुधार और सीबीआई जाँच ।
रविवार को सरकार-छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी।

झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखा टकराव हुआ। पथराव और लाठीचार्ज में कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ छात्रों का मार्च दोपहर 2 बजे तक विधानसभा से मात्र 200 मीटर पहले पहुँच गया। जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक समूह अचानक उग्र हो गया और पुलिस की ओर पत्थर तथा जूते-चप्पल फेंकने लगा। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

इससे पहले प्रशासन ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया, लेकिन पानी की तेज बौछार के बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी खेतों और कच्चे रास्तों से होते हुए विधानसभा परिसर के करीब पहुँचने में सफल रहे।

घायलों की स्थिति

भिड़ंत में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए। एक घायल पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया गया। एक छात्र के सिर में गंभीर चोट आई और उसके सिर से खून बहने लगा। अधिकारियों के अनुसार घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि की जा रही है।

छात्रों की माँगें

आंदोलनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का निर्णय लिया।

विधायक की मध्यस्थता

जेएलकेएम (JLKM) विधायक जयराम महतो ने मौके पर पहुँचकर छात्रों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और युवाओं में गहरा असंतोष है।

मौजूदा स्थिति

फिलहाल हजारों छात्र विधानसभा से करीब 200 मीटर पहले सड़क पर बैठे हैं और नारेबाजी जारी है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश छात्रों को विधानसभा परिसर की ओर आगे बढ़ने से रोकने की है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

केवल समय खरीदने की रणनीति है। सीबीआई जाँच की माँग इस बात का संकेत है कि छात्र राज्य की एजेंसियों पर भरोसा खो चुके हैं। जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, ऐसे टकराव बार-बार होते रहेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्र आंदोलन किस कारण से शुरू हुआ?
छात्र जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। वे 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, भर्ती सुधार और सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं।
10 अगस्त को रांची में क्या हुआ?
हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। जगन्नाथपुर मंदिर के पास छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ जिसमें पथराव और लाठीचार्ज हुआ। कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए और छात्र विधानसभा से मात्र 200 मीटर पहले तक पहुँचे।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता का क्या हुआ?
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला किया। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मौके पर मध्यस्थता की जिसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए।
इस आंदोलन में कौन-कौन घायल हुए?
पथराव और लाठीचार्ज में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए। एक घायल पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया और एक छात्र के सिर में गंभीर चोट आई तथा उसके सिर से खून बहा।
अब आगे क्या होने की संभावना है?
फिलहाल हजारों छात्र विधानसभा से 200 मीटर पहले धरने पर बैठे हैं। तनाव बना हुआ है और प्रशासन आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश में है। सरकार द्वारा अगले दौर की वार्ता या ठोस घोषणा न होने तक आंदोलन जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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