10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रांची में JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ 7 घंटे से सड़क पर हजारों छात्र, लाठीचार्ज-आंसू गैस के बाद भी डटे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रांची में JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ 7 घंटे से सड़क पर हजारों छात्र, लाठीचार्ज-आंसू गैस के बाद भी डटे

सारांश

रांची में 18 दिनों से जल रही छात्र क्रांति की आग सोमवार को और भड़क उठी। वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियाँ भी हजारों युवाओं का हौसला नहीं तोड़ सकीं — वे विधानसभा से 200 मीटर तक पहुँच गए। JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ यह आंदोलन अब झारखंड की सत्ता के लिए सीधी चुनौती बन चुका है।

मुख्य बातें

10 अगस्त को रांची में JPSC-JSSC भर्ती धांधली के खिलाफ छात्र आंदोलन का 18वाँ दिन ; हजारों छात्र 7 घंटे से अधिक समय तक सड़क पर डटे रहे।
पुलिस ने वाटर कैनन , आंसू गैस के 6 गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया; एक छात्र के सिर पर गंभीर चोट , कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल।
प्रदर्शनकारी नए विधानसभा भवन से 200 मीटर की दूरी तक पहुँचे; जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मध्यस्थता की।
झारखंड विधानसभा की कार्यवाही विपक्ष की गैरमौजूदगी में चली, बाद में मंगलवार तक स्थगित।
छात्रों की माँग: JSSC CGL समेत विवादित परीक्षाएँ रद्द हों, चयन प्रक्रिया में सुधार और सीबीआई जाँच ।

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन 10 अगस्त को अपने 18वें दिन और अधिक उग्र हो गया। सोमवार सुबह 9 बजे से विधानसभा मार्च के लिए एकत्रित हुए हजारों छात्र शाम 4 बजे के बाद भी अपनी जगह से नहीं हिले — वाटर कैनन, आंसू गैस के छह गोलों और लाठीचार्ज के बावजूद उनका हौसला बरकरार रहा।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी छात्र सुरक्षा के बहुस्तरीय घेरे को पार करते हुए दोपहर 2 बजे तक नए विधानसभा भवन से महज 200 मीटर की दूरी तक पहुँच गए। बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ते छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, फिर आंसू गैस के छह गोले दागे और अंततः लाठीचार्ज किया।

जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे उग्र छात्रों और पुलिस के बीच सीधी भिड़ंत हुई, जहाँ पथराव और जूते-चप्पल फेंके जाने के जवाब में पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस टकराव में एक छात्र के सिर पर गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा; कई अन्य छात्र तथा पुलिसकर्मी भी घायल हुए। एक घायल पुलिसकर्मी को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया गया।

विधानसभा की कार्यवाही पर असर

आंदोलन की आँच में झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी में चली। दोपहर बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह ऐसे समय में हुआ जब सड़कों पर हजारों की भीड़ अपनी माँगों पर अड़ी हुई थी।

जेएलकेएम विधायक की मध्यस्थता

इस बेहद संवेदनशील मोड़ पर जेएलकेएम (JLKM) विधायक जयराम महतो घटनास्थल पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी जारी रखी। हालाँकि, गतिरोध बरकरार रहा और आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश करता दिखा।

छात्रों की मुख्य माँगें

आंदोलनकारी जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, चयन प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार और पूरे भर्ती घोटाले की सीबीआई जाँच की माँग पर अडिग हैं। गौरतलब है कि यह आंदोलन 18 दिनों से अनवरत जारी है, जो इसे झारखंड के हालिया इतिहास में छात्रों के सबसे लंबे सड़क आंदोलनों में से एक बनाता है।

आगे क्या

विधानसभा के मुहाने पर डटे छात्र अब अलग-अलग समूहों में बँटकर विधायक आवास (एमएलए हॉस्टल) की ओर बढ़ने लगे हैं। पुलिस और प्रशासन इन्हें रोकने में लगे हैं। यह आंदोलन तब तक थमता नहीं दिख रहा जब तक सरकार की ओर से ठोस आश्वासन या कार्रवाई नहीं होती।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असंतोष की जड़ — भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव — और गहरी होती है। सरकार का विधानसभा में बैठकर विपक्ष की गैरमौजूदगी में कार्यवाही चलाना और बाहर सड़क पर बल प्रयोग — यह दोहरापन आंदोलन को और वैधता देता है। जब तक सीबीआई जाँच या किसी स्वतंत्र तंत्र से ठोस जवाबदेही तय नहीं होती, यह आंदोलन झारखंड की राजनीति का स्थायी घाव बनता जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्र किस बात के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य माँगें हैं — विवादित परीक्षाएँ रद्द करना, चयन प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जाँच।
10 अगस्त को रांची में क्या हुआ?
सोमवार 10 अगस्त को हजारों छात्र सुबह 9 बजे से विधानसभा मार्च के लिए एकत्रित हुए। पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के 6 गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, फिर भी छात्र शाम 4 बजे के बाद तक डटे रहे और विधानसभा भवन से 200 मीटर तक पहुँच गए।
जयराम महतो ने प्रदर्शन में क्या भूमिका निभाई?
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो घटनास्थल पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद छात्र सड़क पर धरने पर बैठ गए, हालाँकि गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
झारखंड विधानसभा की कार्यवाही पर इस आंदोलन का क्या असर पड़ा?
झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी में चली और दोपहर बाद इसे मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सड़क पर जारी आंदोलन सदन की सामान्य कार्यवाही के लिए सीधी बाधा बना।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 4 घंटे पहले
  5. 8 घंटे पहले
  6. कल
  7. 3 दिन पहले
  8. 1 सप्ताह पहले