झारखंड: JPSC-JSSC विवाद पर 8 बैरिकेड तोड़ विधानसभा पहुंचे छात्र, वाटर कैनन में किया रेन डांस
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हज़ारों छात्रों ने पुलिस की आठ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन छात्र पीछे हटने के बजाय पानी की बौछारों के बीच नारेबाज़ी करते और झूमते नज़र आए।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य के 24 जिलों से बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से रांची पहुंचे हज़ारों छात्र हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। छात्रों ने सबसे पहले पुराने विधानसभा परिसर के पास पहला बैरिकेड तोड़ा, इसके बाद एक के बाद एक सात और बैरिकेड पार किए। आठवीं बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों का समूह कई हिस्सों में बंट गया — कुछ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुटी है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की जा रही है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और ड्रोन कैमरों से प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है।
छात्रों की मांगें
प्रदर्शनकारी छात्र मुख्य रूप से तीन माँगें रख रहे हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार, और पूरे मामले की सीबीआई जांच। गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया।
बड़ी संख्या में छात्रों ने रविवार रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और आसपास के इलाकों में रात गुज़ारी, ताकि सोमवार सुबह से ही मार्च शुरू किया जा सके।
भाजपा का मुख्यमंत्री आवास घेराव
छात्र आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों की बैठक के बाद विधायक और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। करीब सुबह 9:45 बजे हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
सुरक्षा व्यवस्था और तनाव
राजधानी रांची में विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि छात्र विधानसभा परिसर तक न पहुंच सकें। वहीं छात्र अपनी माँगों पर अडिग हैं और लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह आंदोलन ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली यह लगातार बड़ी घटना है।
आगे क्या होगा
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अगले दौर की वार्ता की संभावना बनी हुई है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तिथि तय नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी माँगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश में राजनीतिक तनाव भी बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है।