10 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन: रांची में छात्रों ने तोड़ा बैरिकेड, विधानसभा घेराव; बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा नेता हिरासत में

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जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन: रांची में छात्रों ने तोड़ा बैरिकेड, विधानसभा घेराव; बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा नेता हिरासत में

सारांश

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन उस मोड़ पर पहुँच गया जहाँ तीन दौर की सरकारी वार्ता विफल हो चुकी है — 24 जिलों के हजारों छात्रों ने विधानसभा का पहला बैरिकेड तोड़ा, और भाजपा के बाबूलाल मरांडी समेत कई नेता हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

10 अगस्त 2026 को रांची में जेपीएससी-जेएसएससी विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुराने विधानसभा परिसर के पास पहला बैरिकेड तोड़ दिया।
राज्य के 24 जिलों से हजारों छात्र रांची पहुँचे; रविवार रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डेरा डाला।
छात्रों की माँगें — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, भर्ती सुधार और सीबीआई जाँच ।
सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की वार्ता रविवार को बेनतीजा रही।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी , प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और कई विधायक मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद हिरासत में।
विधानसभा परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात, कंटीले तार और बहुस्तरीय बैरिकेडिंग।

रांची में 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में उतरे हजारों छात्रों ने पुराने विधानसभा परिसर के निकट पुलिस का पहला बैरिकेड तोड़ दिया और झारखंड विधानसभा की ओर कूच कर दिया। राज्य के 24 जिलों से पहुँचे प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर थामे सड़कों पर उतरे, जिससे राजधानी में तनाव का माहौल बन गया।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह से ही बिरसा चौक, पुराने विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में छात्रों की भीड़ जमा होने लगी थी। बड़ी संख्या में छात्र रविवार की रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और अटल स्मृति वेंडर मार्केट में रुके थे। सोमवार की सुबह जैसे ही मार्च आगे बढ़ा, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाया गया पहला बैरिकेड पार कर लिया। प्रशासन ने विधानसभा और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है तथा कई स्थानों पर कंटीले तार और बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।

छात्रों की माँगें

आंदोलनरत छात्र मुख्य रूप से तीन माँगें लेकर सड़क पर उतरे हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार, और पूरे मामले की सीबीआई जाँचजेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने छात्रों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है। गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही, जिसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।

भाजपा नेताओं की हिरासत

छात्र आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी झारखंड सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों की बैठक के बाद पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। करीब सुबह 9.45 बजे भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और कई विधायक शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन का रुख

राजधानी रांची में सुरक्षा के असाधारण इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात है और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता छात्रों को विधानसभा परिसर के भीतर प्रवेश से रोकना है, जबकि छात्र अपनी माँगों पर अडिग हैं। पहला बैरिकेड टूटने के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का असंतोष लंबे समय से उबल रहा है। तीन दौर की वार्ता के विफल होने के बाद अब दोनों पक्षों के बीच गतिरोध गहरा गया है। राज्य सरकार की अगली प्रतिक्रिया और प्रशासन के साथ छात्र प्रतिनिधियों की संभावित बातचीत पर सबकी नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ही संकट प्रबंधन की स्पष्ट रणनीति। भाजपा का मुख्यमंत्री आवास घेराव राजनीतिक अवसरवाद की तरह दिखता है, लेकिन इससे छात्रों की मूल माँगें — पारदर्शी भर्ती और सीबीआई जाँच — कमज़ोर नहीं पड़तीं। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के लिए तैयार है, या यह आंदोलन भी पिछले वादों की तरह बिना नतीजे के खत्म हो जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन क्या है और छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र सड़कों पर उतरे हैं। उनकी मुख्य माँगें हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जाँच।
10 अगस्त को रांची में क्या हुआ?
10 अगस्त 2026 को 24 जिलों से पहुँचे हजारों छात्रों ने पुराने विधानसभा परिसर के पास पुलिस का पहला बैरिकेड तोड़ दिया और विधानसभा की ओर बढ़ गए। इसी दिन भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया, जिसके बाद बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
बाबूलाल मरांडी को क्यों हिरासत में लिया गया?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 9.45 बजे मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और कई विधायकों को हिरासत में ले लिया।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता का क्या हुआ?
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विधानसभा घेराव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। कई स्थानों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य छात्रों को विधानसभा परिसर के भीतर प्रवेश से रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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