7 अगस्त 2026
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जेपीएससी विवाद: झारखंड विधानसभा घेरेंगे वामपंथी छात्र संगठन, मूल आंदोलनकारियों ने बनाई दूरी — 10 अगस्त को अलग महा-घेराव

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जेपीएससी विवाद: झारखंड विधानसभा घेरेंगे वामपंथी छात्र संगठन, मूल आंदोलनकारियों ने बनाई दूरी — 10 अगस्त को अलग महा-घेराव

सारांश

जेपीएससी परीक्षा विवाद पर रांची में दो अलग-अलग छात्र मोर्चे आमने-सामने हैं — वामपंथी संगठन आज विधानसभा घेरेंगे, जबकि मूल आंदोलनकारी गुट ने राजनीतिक बैनर से दूरी बनाते हुए 10 अगस्त को स्वतंत्र महा-घेराव का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

आइसा, आरवाईए, एआईएसएफ और झारखंड जनाधिकार महासभा ने 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का आह्वान किया है।
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा मार्च में प्रमुख रूप से शामिल हैं; दोपहर 12 बजे विधानसभा की ओर कूच होगा।
प्रमुख माँगें: 14वीं जेपीएससी पीटी रद्द, सीबीआई-ईडी जाँच, ओएमआर शीट सार्वजनिक करना।
बीएनएसएस धारा 163 (निषेधाज्ञा) 6 से 12 अगस्त तक बिरसा चौक से विधानसभा तक लागू।
मूल छात्र समूह जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने आज के मार्च से दूरी बनाई; 10 अगस्त को स्वतंत्र महा-घेराव का ऐलान।
मौसम विभाग ने रांची में 7 अगस्त को बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में 7 अगस्त 2026 को रांची में वामपंथी छात्र संगठनों ने झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र बिरसा चौक पर एकत्रित हो रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ने मानसून सत्र के मद्देनज़र सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

यह विरोध मार्च आइसा (AISA), आरवाईए (RYA), एआईएसएफ (AISF) और झारखंड जनाधिकार महासभा के संयुक्त आह्वान पर आयोजित हो रहा है। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा इस मार्च में प्रमुख रूप से शामिल हैं। आंदोलनकारियों का समूह दोपहर 12 बजे विधानसभा की ओर कूच करेगा।

प्रदर्शनकारियों की मांगें

प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई और ईडी से जाँच कराने, ओएमआर शीट सार्वजनिक करने और परीक्षा कैलेंडर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह विरोध झारखंड विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के बीच हो रहा है, जिससे इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी

बिरसा चौक से विधानसभा तक के पूरे क्षेत्र में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक बीएनएसएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की गई है। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के साथ जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को रांची में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

आंदोलन में विभाजन — मूल छात्र गुट ने बनाई दूरी

यह ऐसे समय में आया है जब परीक्षा सुधार आंदोलन के भीतर एक स्पष्ट विभाजन उभर कर सामने आया है। पिछले दो सप्ताह से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन कर रहे मूल छात्र समूह जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने आज के मार्च से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। मंच की कोर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन गैर-राजनीतिक है और वे किसी भी राजनीतिक दल या उसके छात्र संगठन के बैनर तले प्रदर्शन नहीं करेंगे।

10 अगस्त को होगा स्वतंत्र महा-घेराव

मूल आंदोलनकारी छात्रों ने घोषणा की है कि उनका अपना स्वतंत्र विधानसभा महा-घेराव 10 अगस्त को आयोजित होगा। यह विभाजन दर्शाता है कि आंदोलन के भीतर रणनीति और राजनीतिक संरेखण को लेकर गहरे मतभेद हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की गतिविधियाँ इस आंदोलन की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वामपंथी संगठनों की संगठनात्मक ताकत और राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति इस प्रदर्शन को दृश्यता देती है। असली सवाल यह है कि क्या झारखंड सरकार मानसून सत्र में इन माँगों पर ठोस जवाब देगी — या यह आंदोलन बिखरकर कमज़ोर पड़ जाएगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी विवाद में छात्र संगठन क्या माँग कर रहे हैं?
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई और ईडी से जाँच कराने, ओएमआर शीट सार्वजनिक करने और परीक्षा कैलेंडर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की माँग कर रहे हैं।
7 अगस्त के विधानसभा घेराव में कौन-से संगठन शामिल हैं?
यह मार्च आइसा (AISA), आरवाईए (RYA), एआईएसएफ (AISF) और झारखंड जनाधिकार महासभा के संयुक्त आह्वान पर आयोजित हो रहा है। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
मूल छात्र गुट ने आज के प्रदर्शन से दूरी क्यों बनाई?
जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच का कहना है कि उनका आंदोलन गैर-राजनीतिक है और वे किसी राजनीतिक दल या उसके छात्र संगठन के बैनर तले प्रदर्शन नहीं करेंगे। इसीलिए उन्होंने 10 अगस्त को स्वतंत्र विधानसभा महा-घेराव का ऐलान किया है।
रांची में विधानसभा के पास धारा 163 क्यों लागू की गई है?
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के मद्देनज़र और प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बिरसा चौक से विधानसभा तक के क्षेत्र में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक बीएनएसएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की है।
10 अगस्त का महा-घेराव किस संगठन ने बुलाया है?
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले दो सप्ताह से अनशन कर रहे मूल छात्र समूह जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने 10 अगस्त को स्वतंत्र विधानसभा महा-घेराव का ऐलान किया है।
राष्ट्र प्रेस
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