हामिद अंसारी के बयान पर BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी का पलटवार — 'हिंदुओं के खिलाफ बोलने से इज्जत घटती है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 21 सितंबर 2026 को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान की कड़ी आलोचना की और कहा कि हिंदुओं के विरुद्ध 'उल्टा-सीधा' बोलने से इज्जत बढ़ती नहीं, बल्कि घटती है। नई दिल्ली में एक बातचीत में जिलानी ने अंसारी पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने उन्हें सर्वोच्च पद दिया, फिर भी ऐसे बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिलानी का अंसारी पर सीधा हमला
यासिर जिलानी ने कहा कि हामिद अंसारी जैसे लोग 'नफरत के सौदागर' हैं। उनके अनुसार, 'यह अमन पसंद मुल्क है और अधिकतर लोग अमन पसंद हैं, लेकिन इस तरह के बयान देकर वह सिर्फ हलचल मचाना चाहते हैं — इससे कोई फायदा नहीं होने वाला।' जिलानी ने अंसारी को सलाह दी कि अब जबकि वह सेवानिवृत्त हैं, वे शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे सकारात्मक कार्यों में योगदान दें और कोई सुझाव हो तो उचित माध्यम से सरकार तक पहुँचाएँ।
उत्तर प्रदेश चुनाव और ओवैसी पर टिप्पणी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के संदर्भ में जिलानी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह 'केवल धर्म की राजनीति करते हैं।' उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अपना मन बना चुकी है और तीसरी बार योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहती है। जिलानी के अनुसार, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के पुराने गठबंधन का परिणाम जनता देख चुकी है।
इंडिया गठबंधन और इमरान मसूद पर निशाना
जिलानी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटकों में आपसी एकजुटता नहीं है। उनके अनुसार इमरान मसूद गठबंधन से अलग राह चल रहे हैं और अखिलेश यादव पर लगातार कटाक्ष कर रहे हैं। जिलानी ने यह भी कहा कि इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री के लिए जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है, वह सर्वविदित है और हिंसा को बढ़ावा देने वाली है।
वंदे मातरम विवाद पर जिलानी का रुख
वंदे मातरम को लेकर उठे विवाद पर यासिर जिलानी ने कहा कि कांग्रेस में कुछ नेता राष्ट्र, संस्कृति और संस्कार की बात होने पर 'प्रहार' करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पूरे गाने को गाने का नियम है, तो कांग्रेस नेता इससे क्यों कतराते हैं — इसका जवाब जनता देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वंदे मातरम से जुड़ा विवाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हामिद अंसारी भारत के उपराष्ट्रपति रह चुके हैं और उनके बयान अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बनते हैं। BJP और उसके प्रवक्ताओं का अंसारी के बयानों पर इस प्रकार पलटवार करना कोई नई बात नहीं — यह एक पुनरावृत्त राजनीतिक पैटर्न है जो हर बार तब उभरता है जब विपक्षी नेता या पूर्व संवैधानिक पदाधिकारी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं। आने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव के मद्देनज़र यह बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।