दीपावली पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा का संदेश: सूखाग्रस्त किसानों के साथ खड़े रहें
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने 5 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से राज्य की जनता को शुभकामनाएँ दीं और सूखे की मार झेल रहे किसानों के प्रति एकजुटता का आह्वान किया। राज्यपाल ने मुंबई से जारी अपने संदेश में कहा कि त्योहार की खुशियाँ तभी सार्थक होती हैं, जब हम संकट में फँसे लोगों के साथ खड़े हों।
राज्यपाल का शुभकामना संदेश
राज्यपाल वर्मा ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'नमस्ते, दीपावली के पावन अवसर पर मैं महाराष्ट्र के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।' उन्होंने वासु बारस और धनतेरस से शुरू होने वाले इस पाँच दिवसीय पर्व को खुशियों, शांति और समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कामना की कि भगवान धन्वंतरि सभी को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें और देवी महालक्ष्मी की कृपा से हर परिवार में सुख-समृद्धि का वास हो।
सूखे की स्थिति और किसानों के प्रति अपील
राज्यपाल ने अपने संदेश का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा राज्य में जारी सूखे की स्थिति को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष महाराष्ट्र के अनेक तालुकों में सूखे की गंभीर स्थिति बनी हुई है। ऐसे कठिन समय में उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे किसान भाइयों और बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें। यह संदेश इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी सीज़न में अक्सर ग्रामीण संकट की अनदेखी हो जाती है।
प्रकाश पर्व का प्रतीकात्मक संदेश
राज्यपाल वर्मा ने दीपावली को अंधकार पर प्रकाश की, बुराई पर अच्छाई की और निराशा पर आशा की विजय का पर्व बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि यह त्योहार केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता का भी अवसर है।
पर्यावरण और स्वच्छता की अपील
राज्यपाल ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने घरों के साथ-साथ गाँवों, शहरों और सार्वजनिक स्थलों को भी स्वच्छ रखने का संकल्प लें। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दीपावली मनाने की अपील की और वायु तथा ध्वनि प्रदूषण को कम करने पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
आगे क्या
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार सूखाग्रस्त तालुकों में राहत उपायों पर काम कर रही है। राज्यपाल का यह सार्वजनिक संदेश उन किसानों की पीड़ा को त्योहारी मौसम में राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रखने का प्रयास है, जो अपर्याप्त वर्षा के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।