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महाराष्ट्र सूखा: 265 तहसीलों में अकाल, उपमहापौर घाडी बोले — केंद्र देगा किसानों को राहत, दीपावली नहीं होगी अंधेरी

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महाराष्ट्र सूखा: 265 तहसीलों में अकाल, उपमहापौर घाडी बोले — केंद्र देगा किसानों को राहत, दीपावली नहीं होगी अंधेरी

सारांश

महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में अकाल घोषित हो चुका है और किसान प्रति एकड़ ₹25,000–₹50,000 की माँग कर रहे हैं। उपमहापौर संजय घाडी का दावा है कि शिंदे-मोदी बैठक के बाद केंद्र से बड़ी मदद तय है — लेकिन असली सवाल यह है कि राहत कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता से किसानों तक पहुँचेगी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में अकाल घोषित; कई जिलों में इस मौसम बारिश नहीं हुई।
प्रभावित किसान प्रति एकड़ ₹25,000 से ₹50,000 मुआवज़े की माँग कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर सूखे की स्थिति रखी; बैठक हो चुकी है।
उपमहापौर संजय घाडी ने भरोसा दिलाया कि केंद्र-राज्य मिलकर राहत देंगे, दीपावली अंधेरी नहीं होगी।
मुंबई में अवैध होर्डिंग्स पर BMC से सख्त कार्रवाई और राजनीतिक दलों से संयम की अपील।
गणेशोत्सव में शाडू मिट्टी की पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों के उपयोग पर जोर।

महाराष्ट्र में गहराते सूखे के संकट पर मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने 6 अक्टूबर 2026 को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नई दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने महाराष्ट्र की सूखे की स्थिति रखी है, और केंद्र-राज्य मिलकर प्रभावित किसानों को राहत पहुँचाएंगे। घाडी ने भरोसा जताया कि इस बार किसी भी किसान परिवार की दीपावली अंधेरे में नहीं बीतेगी।

सूखे की विकरालता: 265 तहसीलों में अकाल घोषित

उपमहापौर घाडी के अनुसार, महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में अकाल घोषित किया गया है। कई तालुकों और जिलों में इस मानसून सीजन में बारिश ही नहीं हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रभावित किसान प्रति एकड़ ₹25,000 से ₹50,000 तक की मुआवज़े की माँग कर रहे हैं।

घाडी ने कहा, 'कुछ तालुकों और कुछ जिलों में तो बारिश ही नहीं हुई, जिस कारण हमारे किसान भाइयों का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संकट से निपटने के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों मिलकर काम करेंगी।

शिंदे-मोदी बैठक और केंद्र से मदद की उम्मीद

घाडी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री मोदी के बीच इस विषय पर बैठक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब शिंदे केंद्र से मदद की बात करते हैं और पीएम मोदी उनके साथ हैं, तो महाराष्ट्र को 'सौ प्रतिशत' केंद्र के माध्यम से अच्छी सहायता मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के किसान संगठन सरकारी मुआवज़े की धीमी रफ़्तार पर पहले से नाराज़गी जता रहे हैं।

मुंबई में अवैध होर्डिंग्स पर सख्ती का आह्वान

उपमहापौर ने मुंबई में अवैध और अनधिकृत होर्डिंग्स के खतरे पर भी चिंता जताई। उन्होंने ठाणे में ब्रिज से होर्डिंग गिरने से एक महिला के दोपहिया वाहन दुर्घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी अवैध होर्डिंग टूटकर सड़क पर बिखर जाती हैं, जिससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।

घाडी ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) प्रशासन से अपील की कि वह मौजूदा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करे और ज़रूरत पड़े तो नए कड़े नियम बनाए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि वे अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अनधिकृत होर्डिंग न लगाने का निर्देश दें।

गणेशोत्सव में पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों पर जोर

गणेशोत्सव के संदर्भ में घाडी ने कहा कि शाडू मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता है, क्योंकि ऐसी मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम तालाब या घर के छोटे बर्तन में भी आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विसर्जन के बाद उसी मिट्टी को पेड़-पौधों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जो पर्यावरण संरक्षण का एक व्यावहारिक तरीका है। BMC ने गणेशोत्सव के दौरान केवल सर्टिफाइड बैनरों को 10 दिनों तक अनुमति देने और बाकी पर कार्रवाई का निर्णय लिया है।

आगे क्या

केंद्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा अपेक्षित है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार 265 तहसीलों में अकाल की स्थिति की पुष्टि हो चुकी है और मुआवज़े की दर तय करने की प्रक्रिया केंद्र-राज्य समन्वय के बाद अंतिम रूप लेगी। मुंबई में होर्डिंग नियमन को लेकर BMC की कार्यवाही भी आने वाले हफ्तों में तेज होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मोदी हैं, मदद मिलेगी' — लेकिन महाराष्ट्र में सूखा राहत वितरण की ऐतिहासिक तस्वीर आश्वस्त करने वाली नहीं है। राज्य में पिछले कई सालों से मुआवज़ा घोषणाएँ और वास्तविक वितरण के बीच की खाई किसानों की सबसे बड़ी शिकायत रही है। 265 तहसीलों में अकाल और प्रति एकड़ ₹50,000 तक की माँग बताती है कि संकट व्यापक और गंभीर है — ऐसे में केंद्र-राज्य समन्वय का ब्यौरा, राहत की समयसीमा और वितरण तंत्र की पारदर्शिता सार्वजनिक होना उतना ही ज़रूरी है जितना घोषणा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में कितनी तहसीलों में अकाल घोषित किया गया है?
उपमहापौर संजय घाडी के बयान के अनुसार महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में अकाल घोषित किया गया है। कई तालुकों और जिलों में इस मानसून सीजन में बारिश ही नहीं हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों को कितना मुआवज़ा मिल सकता है?
प्रभावित किसान प्रति एकड़ ₹25,000 से ₹50,000 तक मुआवज़े की माँग कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर राहत पैकेज तय करेंगी, हालाँकि अंतिम राशि की घोषणा अभी बाकी है।
एकनाथ शिंदे और पीएम मोदी के बीच महाराष्ट्र सूखे पर बैठक हुई है?
हाँ, उपमहापौर घाडी के अनुसार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नई दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने महाराष्ट्र की सूखे की स्थिति रखी और दोनों के बीच बैठक हो चुकी है। घाडी ने भरोसा जताया कि इस बैठक के बाद केंद्र से महाराष्ट्र को अच्छी मदद मिलेगी।
मुंबई में अवैध होर्डिंग्स पर क्या कार्रवाई होगी?
उपमहापौर घाडी ने BMC प्रशासन से मौजूदा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करने और ज़रूरत पड़ने पर नए कड़े नियम बनाने की अपील की है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी अपने कार्यकर्ताओं को अनधिकृत होर्डिंग न लगाने का निर्देश देने को कहा, यह देखते हुए कि गिरती होर्डिंग्स से जानलेवा दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।
गणेशोत्सव में पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या अपील की गई है?
उपमहापौर घाडी ने शाडू मिट्टी की पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्तियों के उपयोग की अपील की है। ऐसी मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम तालाब या घर के छोटे बर्तन में किया जा सकता है और बाद में उस मिट्टी को पेड़-पौधों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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