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महाराष्ट्र के 1.5 करोड़ किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सूखा राहत, फडणवीस का इसी सप्ताह भुगतान का निर्देश

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महाराष्ट्र के 1.5 करोड़ किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सूखा राहत, फडणवीस का इसी सप्ताह भुगतान का निर्देश

सारांश

महाराष्ट्र के 1.5 करोड़ सूखाग्रस्त किसानों को इसी सप्ताह ₹5,000 की अग्रिम राहत मिलेगी — कुल ₹7,500 करोड़ की योजना। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैंकों को कटौती से भी रोका। साथ ही 83,000 एसटी कर्मचारियों के दिवाली से पहले वेतन के लिए ₹391.02 करोड़ की मंजूरी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को प्रति किसान ₹5,000 की अग्रिम राहत देने का निर्णय लिया।
कुल योजना पर ₹7,500 करोड़ का व्यय; मंत्रिमंडल ने 27 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैंकों को राहत राशि से कर्ज वसूली न करने के सख्त निर्देश दिए।
एसटी महामंडल को सितंबर 2026 की रियायत प्रतिपूर्ति के लिए ₹391.02 करोड़ की निधि स्वीकृत।
लगभग 83,000 एसटी कर्मचारियों को दिवाली (6 नवंबर) से पहले वेतन मिलना सुनिश्चित।

महाराष्ट्र सरकार ने 27 अक्टूबर 2026 को राज्य के लगभग 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को प्रति किसान ₹5,000 की अग्रिम वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह राशि इसी सप्ताह सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए। कुल योजना पर ₹7,500 करोड़ का व्यय अनुमानित है, जिसे मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति दी गई।

किसानों को राहत का स्वरूप

फसल नुकसान और गंभीर जल संकट से जूझ रहे किसानों को तत्काल नकद सहायता उपलब्ध कराना इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है। मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित इस कदम के तहत अग्रिम राशि को सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को न्यूनतम समय में राहत मिल सके।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के कई ज़िलों में इस वर्ष वर्षा की कमी के चलते खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार का यह अग्रिम भुगतान उन किसानों के लिए तत्काल राहत के रूप में काम करेगा, जो फसल क्षतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया का इंतज़ार नहीं कर सकते।

बैंक कटौती पर सख्त प्रतिबंध

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राहत राशि से बैंकों द्वारा किसी भी प्रकार की कटौती न की जाए। बैंकों को निर्देशित किया गया है कि पुराने कर्ज या बकाये की वसूली के नाम पर किसानों के खातों में जमा होने वाली इस सहायता राशि में से कोई भी धनराशि नहीं काटी जाएगी। यह प्रावधान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अतीत में राहत राशि के सीधे खातों में आते ही बैंकों द्वारा बकाया वसूलने की शिकायतें सामने आई थीं।

एसटी कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था

किसान राहत के साथ-साथ, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) के लगभग 83,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया। परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक के प्रयासों के बाद महाराष्ट्र सरकार ने एसटी महामंडल को सितंबर 2026 में यात्रियों को दी गई रियायतों की प्रतिपूर्ति के लिए ₹391.02 करोड़ की निधि वितरित करने की मंजूरी दी।

इस संबंध में मंगलवार को शासनादेश जारी किया गया। यह राशि महामंडल को इसलिए भी समय पर मिलना ज़रूरी था क्योंकि एसटी कर्मचारियों का वेतन सामान्यतः हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच वितरित होता है और 6 नवंबर से दिवाली का त्योहार शुरू होने वाला है।

दिवाली से पहले समय पर वेतन की पहल

मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी प्रशासन को निर्देश दिए थे कि कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन मिलना सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद परिवहन विभाग और एसटी प्रशासन ने सरकार से आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के प्रयास किए, जो अब फलीभूत हुए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के वेतन विलंब को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाता रहा है। दिवाली से पूर्व वेतन सुनिश्चित कर सरकार ने व्यावहारिक संवेदनशीलता का संकेत दिया है।

आगे की स्थिति

किसानों के खातों में ₹5,000 की अग्रिम राशि इसी सप्ताह जमा होने की उम्मीद है। विस्तृत सूखा राहत पैकेज की आगामी घोषणा भी अपेक्षित है, जिसमें फसल बीमा दावों के त्वरित निपटान और दीर्घकालिक जल संरक्षण उपायों का उल्लेख हो सकता है। सरकार के इस कदम से ग्रामीण महाराष्ट्र में तात्कालिक आर्थिक तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 करोड़ की यह अग्रिम राहत तात्कालिक राजनीतिक दबाव का जवाब भी है और ज़मीनी ज़रूरत का भी — लेकिन 'अग्रिम' शब्द पर ध्यान देना ज़रूरी है: यह स्थायी मुआवज़ा नहीं, बल्कि एक किस्त है। बैंक कटौती पर रोक का आदेश स्वागतयोग्य है, मगर यह उजागर करता है कि पिछली राहत योजनाओं में यह खामी बनी रही। असली परीक्षा यह होगी कि विस्तृत सूखा सर्वेक्षण के आधार पर पूरी क्षतिपूर्ति कब और कैसे दी जाती है — केवल ₹5,000 से फसल नुकसान की भरपाई संभव नहीं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार की सूखा राहत योजना क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लगभग 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को प्रति किसान ₹5,000 की अग्रिम वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। कुल योजना पर ₹7,500 करोड़ खर्च होंगे और यह राशि इसी सप्ताह सीधे बैंक खातों में जमा कराई जाएगी।
किसानों के खातों में राहत राशि कब तक मिलेगी?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि ₹5,000 की अग्रिम राशि इसी सप्ताह किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए। मंत्रिमंडल ने 27 अक्टूबर 2026 को इस निर्णय को मंजूरी दी।
क्या बैंक राहत राशि से पुराना कर्ज काट सकते हैं?
नहीं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के खातों में जमा होने वाली इस राहत राशि से पुराने कर्ज या बकाये की कोई भी कटौती नहीं की जाएगी।
एसटी महामंडल कर्मचारियों के वेतन के लिए क्या व्यवस्था की गई?
महाराष्ट्र सरकार ने एसटी महामंडल को सितंबर 2026 की यात्री रियायत प्रतिपूर्ति के लिए ₹391.02 करोड़ की निधि जारी करने की मंजूरी दी है। इससे लगभग 83,000 कर्मचारियों को दिवाली (6 नवंबर) से पहले वेतन मिलना सुनिश्चित होगा।
इस सूखा राहत से कौन प्रभावित होगा?
महाराष्ट्र के वे किसान लाभान्वित होंगे जो इस वर्ष वर्षा की कमी के कारण फसल नुकसान और जल संकट से जूझ रहे हैं। अनुमानित 1.5 करोड़ किसान इस योजना के दायरे में आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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