26 सितंबर 2026
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महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, डिप्टी CM शिंदे बोले — किसानों को हर हाल में राहत मिलेगी

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महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, डिप्टी CM शिंदे बोले — किसानों को हर हाल में राहत मिलेगी

सारांश

महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखे की आधिकारिक घोषणा — दीवाली से पहले ग्रामीण संकट गहराया। डिप्टी CM शिंदे ने ऋण रोक, बिजली कनेक्शन सुरक्षा और परीक्षा फीस माफी जैसे तत्काल उपायों का ऐलान किया। ₹10,115 करोड़ पहले ही 12.58 लाख किसानों तक पहुँच चुके हैं।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर 2026 को 265 तालुकों में ट्रिगर-1 ढाँचे के तहत सूखा घोषित किया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भूमि राजस्व माफी, ऋण वसूली पर तत्काल रोक और बिजली पंप कनेक्शन सुरक्षा की घोषणा की।
प्रभावित किसान परिवारों के बच्चों की स्कूल-कॉलेज परीक्षा फीस माफ ; मनरेगा के तहत नियमों में ढील।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना के तहत 12.58 लाख किसानों को ₹10,115 करोड़ वितरित।
जियोटैग्ड फोटोग्राफी और GPS के ज़रिए पारदर्शी पंचनामा; फसल मुआवज़ा अलग GR के तहत जारी होगा।
पेयजल टैंकर, पशु चारा आपूर्ति और जल संरक्षण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई।

महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर 2026 को राज्य के 265 तालुकों में आधिकारिक रूप से सूखा घोषित कर दिया। पानी की गंभीर कमी और फसल की बिगड़ती स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद ट्रिगर-1 ढाँचे के तहत एक सरकारी संकल्प (Government Resolution — GR) जारी किया गया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि यह घोषणा केवल कागज़ी कार्यवाही नहीं, बल्कि एक ठोस क्रियान्वयन योजना पर आधारित है।

सूखा घोषणा की प्रक्रिया

राज्य मंत्रियों ने प्रभावित ज़िलों का ज़मीनी दौरा किया और कृषि एवं राजस्व विभागों के साथ गहन समीक्षा बैठकें कीं। इन मूल्यांकनों के आधार पर ट्रिगर-1 मानदंडों को पूरा पाए जाने पर सरकारी संकल्प जारी किया गया। गौरतलब है कि ट्रिगर-1 वर्गीकरण उस स्थिति में लागू होता है जब वर्षा की कमी, भूजल स्तर और फसल नुकसान के आँकड़े पूर्व-निर्धारित सीमा पार कर लेते हैं।

किसानों को तत्काल राहत के उपाय

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि प्रभावित किसान परिवारों की आर्थिक तंगी कम करने के लिए कई तत्काल उपाय लागू किए गए हैं। भूमि राजस्व कर माफ कर दिए गए हैं, ऋण वसूली प्रक्रियाओं पर तत्काल रोक लगाई गई है और मौजूदा फसल ऋणों के पुनर्गठन के आदेश जारी किए गए हैं।

बिजली बिल बकाया होने के कारण कृषि बिजली पंपों का कनेक्शन न काटने के निर्देश दिए गए हैं और ऊर्जा दरों में रियायत भी दी गई है। इसके अलावा, सूखाग्रस्त किसान परिवारों के बच्चों की स्कूल और कॉलेज परीक्षा फीस माफ की गई है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियाँ बाधित न हों।

रोज़गार, पेयजल और पशुधन सुरक्षा

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत नियमों में ढील देकर स्थानीय रोज़गार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पेयजल टैंकरों की तैनाती, पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति, खाद्यान्न सुरक्षा उपाय और जल संरक्षण परियोजनाओं को गति दी जा रही है।

पारदर्शी फसल क्षति आकलन

ज़िला कलेक्टरों को GPS निर्देशांक और उच्च-रिज़ॉल्यूशन जियोटैग्ड फोटोग्राफी के ज़रिए फसल क्षति का तत्काल और पारदर्शी आकलन (पंचनामा) करने का निर्देश दिया गया है। ये फील्ड मूल्यांकन अंतिम होने के बाद फसल नुकसान का वित्तीय मुआवज़ा एक अलग सरकारी आदेश के तहत वितरित किया जाएगा।

किसान ऋण माफी का ताज़ा हिसाब

शिंदे ने बताया कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना के तहत अब तक 12.58 लाख से अधिक सत्यापित किसानों को ₹10,115 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब दीवाली से पहले ग्रामीण महाराष्ट्र में आर्थिक संकट की स्थिति गहराई हुई है।

उन्होंने किसानों से आशा न छोड़ने और कोई कठोर कदम न उठाने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि महायुति सरकार संकट के हर चरण में कृषि क्षेत्र के साथ खड़ी है। फसल क्षति आकलन पूरे होने के बाद मुआवज़े की अगली किस्त शीघ्र जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति की है। ऋण रोक और फीस माफी तात्कालिक राहत हैं, मगर फसल मुआवज़े का वितरण अभी भी पंचनामे के पूरा होने पर निर्भर है — और यही वह बिंदु है जहाँ महाराष्ट्र में पिछले सूखा-प्रबंधन चक्रों में देरी हुई है। ₹10,115 करोड़ की ऋण माफी आँकड़ों में प्रभावशाली लगती है, परंतु आलोचक पूछ रहे हैं कि दीवाली तक कितने किसानों के खातों में मुआवज़ा वास्तव में पहुँचेगा। GPS-आधारित पंचनामे की अवधारणा सराहनीय है, किंतु ज़िला प्रशासन पर बोझ और मैदानी अमले की क्षमता — ये वे चुनौतियाँ हैं जिन पर सरकारी आदेश चुप हैं।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में सूखा किन तालुकों में घोषित किया गया है?
महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर 2026 को राज्य के 265 तालुकों में ट्रिगर-1 ढाँचे के तहत आधिकारिक सूखा घोषित किया है। इसके लिए कृषि और राजस्व विभागों की समीक्षा तथा ज़मीनी निरीक्षण के बाद सरकारी संकल्प (GR) जारी किया गया।
सूखाग्रस्त किसानों को क्या-क्या राहत मिलेगी?
सरकार ने भूमि राजस्व कर माफ किए हैं, ऋण वसूली पर तत्काल रोक लगाई है, कृषि बिजली पंपों का कनेक्शन नहीं काटने के आदेश दिए हैं और किसान परिवारों के बच्चों की स्कूल-कॉलेज परीक्षा फीस माफ की है। इसके अलावा मनरेगा के तहत नियमों में ढील, पेयजल टैंकर और पशु चारा आपूर्ति भी शुरू की गई है।
फसल क्षति का मुआवज़ा कब और कैसे मिलेगा?
ज़िला कलेक्टरों को GPS निर्देशांक और जियोटैग्ड फोटोग्राफी से पंचनामा (फसल क्षति आकलन) पूरा करने का निर्देश दिया गया है। ये मूल्यांकन अंतिम होने के बाद फसल नुकसान का वित्तीय मुआवज़ा एक अलग सरकारी आदेश के ज़रिए वितरित किया जाएगा।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना क्या है और अब तक कितना लाभ मिला?
यह महाराष्ट्र सरकार की किसान ऋण माफी योजना है, जिसके तहत अब तक 12.58 लाख से अधिक सत्यापित किसानों को ₹10,115 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे मौजूदा सूखा राहत पैकेज के साथ जोड़ते हुए उल्लेख किया।
ट्रिगर-1 ढाँचे के तहत सूखा घोषणा का क्या मतलब है?
ट्रिगर-1 भारत सरकार के सूखा प्रबंधन मैनुअल के अंतर्गत एक वर्गीकरण है, जो तब लागू होता है जब वर्षा की कमी, भूजल स्तर और फसल नुकसान के संकेतक पूर्व-निर्धारित सीमा पार कर लेते हैं। इस श्रेणी में घोषणा होते ही सरकार को तत्काल राहत उपाय लागू करने का कानूनी दायित्व प्राप्त होता है।
राष्ट्र प्रेस
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