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महाराष्ट्र सूखा: CM फडणवीस का ऐलान — 2 दिनों में GR, छूटे किसानों को भी मिलेगी कर्ज माफी

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महाराष्ट्र सूखा: CM फडणवीस का ऐलान — 2 दिनों में GR, छूटे किसानों को भी मिलेगी कर्ज माफी

सारांश

1972 से भी गंभीर — महाराष्ट्र में इस बार वर्षा घटकर 50% रह गई है। CM फडणवीस ने वाशिम के किसानों से वादा किया: 2 दिन में सूखा GR, छूटे किसानों को भी कर्ज माफी, और पेयजल-चारे की आपात व्यवस्था। अब परीक्षा जमीनी क्रियान्वयन की है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 24 सितंबर 2026 को वाशिम जिले में गंभीर सूखे की आधिकारिक GR 2 दिनों के भीतर जारी करने का ऐलान किया।
पूर्व की कर्ज माफी योजनाओं में छूटे सभी पात्र किसानों को भी इस बार लाभ दिए जाने का वादा।
लातूर जिले में इस बार वर्षा 50% — पिछले सूखे के दौरान यह 63% थी; मुख्यमंत्री ने माना कि स्थिति 1972 के सूखे से भी गंभीर है।
सरकार पेयजल आपूर्ति , पशु चारा वितरण और त्वरित पंचनामा के लिए आपातकालीन कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि खरीफ और रबी दोनों मौसमों के नुकसान को राहत में शामिल किया जाएगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को वाशिम जिले के मसल गाँव में किसानों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार दो दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में गंभीर सूखा घोषित करने का सरकारी आदेश (GR) जारी करेगी। साथ ही, पूर्व की कर्ज माफी योजनाओं में छूट गए सभी पात्र किसानों को भी फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब विदर्भ, मराठवाड़ा और सोलापुर सहित राज्य के कई हिस्से भीषण जल संकट और फसल नुकसान से जूझ रहे हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे का क्रम

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बुधवार को मराठवाड़ा क्षेत्र और सोलापुर जिले के गाँवों का दौरा करने के बाद गुरुवार को वाशिम जिले के मसल गाँव पहुँचे। इस दौरे के दौरान बड़ी संख्या में किसान उनसे मिलने, ज्ञापन सौंपने और मवेशियों के चारे व पीने के पानी की कमी से अवगत कराने के लिए जमा हुए।

मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा, 'चिंता न करें; सरकार मजबूती से आपके साथ खड़ी है। हम सूखे के लिए सरकारी आदेश (GR) जारी करेंगे और जिन किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिल पाया था, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा।'

राहत उपाय और प्रशासनिक प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक सहायता के अतिरिक्त राज्य प्रशासन तीन मोर्चों पर आपातकालीन कदम उठा रहा है: पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति, मवेशियों के लिए चारा वितरण, और फसल नुकसान का त्वरित पंचनामा

फडणवीस ने बुधवार को यह भी कहा था कि पंचनामा केवल कानूनी अनिवार्यता की वजह से किया जा रहा है और किसानों को प्रशासनिक देरी में नहीं उलझाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया, 'आर्थिक मदद सभी को दी जाएगी।' साथ ही, सरकार पानी आपूर्ति योजनाओं के बकाया बिलों का भुगतान भी करेगी ताकि हर गाँव तक पेयजल पहुँच सके।

1972 से भी गंभीर: वर्षा में भारी कमी

मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वीकार किया कि मौजूदा हालात 1972 के ऐतिहासिक सूखे से भी अधिक गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि लातूर जिले में पिछली बार सूखे के दौरान वर्षा 63 प्रतिशत थी, जबकि इस बार यह घटकर मात्र 50 प्रतिशत रह गई है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में यह लगातार दूसरा वर्ष है जब खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खरीफ और रबी दोनों मौसमों में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए राहत देगी।

किसानों पर असर और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि अगले तीन-चार महीने चुनौतीपूर्ण रहेंगे और सरकार इस पूरे दौर में उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, 'अगले तीन-चार महीनों में हमें एक-दूसरे का साथ देना होगा और राज्य सरकार पूरी तरह आपके साथ है।'

आधिकारिक GR जारी होने के बाद राहत वितरण की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है। फंड की कमी नहीं होगी — यह आश्वासन मुख्यमंत्री ने कई बार दोहराया। अब निगाहें इस पर होंगी कि GR के बाद जमीनी स्तर पर राहत कितनी तेजी से पहुँचती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन GR जारी होने के बाद जिला-स्तरीय अमले की तत्परता ही तय करेगी कि राहत खेत तक पहुँचती है या फाइलों में उलझ जाती है। मुख्यमंत्री का '1972 से भी गंभीर' बयान ध्यान आकर्षित करता है, पर इसे विश्वसनीय बनाने के लिए क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही का तंत्र जरूरी है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में सूखे की आधिकारिक घोषणा कब होगी?
CM फडणवीस ने 24 सितंबर 2026 को घोषणा की कि सूखे की आधिकारिक GR 2 दिनों के भीतर जारी की जाएगी। यह आदेश प्रभावित जिलों में सरकारी राहत तंत्र को औपचारिक रूप से सक्रिय करेगा।
कर्ज माफी में 'छूटे किसान' कौन हैं?
ये वे किसान हैं जो पिछली सरकारी कर्ज माफी योजनाओं के पात्र थे लेकिन प्रशासनिक या दस्तावेज़ी कारणों से उन्हें लाभ नहीं मिल सका। CM फडणवीस ने वादा किया है कि ऐसे सभी पात्र किसानों को इस बार योजना में शामिल किया जाएगा।
मौजूदा सूखा 1972 से अधिक गंभीर क्यों माना जा रहा है?
CM फडणवीस के अनुसार लातूर जिले में इस बार वर्षा घटकर केवल 50% रह गई है, जबकि 1972 के ऐतिहासिक सूखे के दौरान यह 63% थी। कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है और पेयजल व पशु चारे का संकट गहरा गया है।
सरकार तत्काल राहत के लिए क्या कदम उठा रही है?
राज्य सरकार पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति, मवेशियों के लिए चारा वितरण और फसल नुकसान का त्वरित पंचनामा करने की दिशा में आपातकालीन उपाय कर रही है। इसके अलावा, पेयजल योजनाओं के बकाया बिलों का भुगतान भी सरकार करेगी ताकि गाँव-गाँव तक पानी पहुँच सके।
क्या रबी सीजन के नुकसान पर भी राहत मिलेगी?
हाँ, CM फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि सरकार खरीफ और रबी दोनों मौसमों में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए किसानों को राहत देगी। उन्होंने कहा कि फंड की कोई कमी नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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