महाराष्ट्र सूखा: CM फडणवीस का ऐलान — 2 दिन में GR, छूटे किसानों को भी कर्ज माफी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को विदर्भ के सूखा प्रभावित वाशिम जिले के दौरे पर घोषणा की कि राज्य सरकार दो दिनों के भीतर प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने का सरकारी आदेश (GR) जारी करेगी। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली फसल कर्ज माफी योजनाओं में जो पात्र किसान छूट गए थे, उन्हें भी इस बार लाभ दिया जाएगा।
वाशिम दौरे में किसानों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री फडणवीस बुधवार को मराठवाड़ा और सोलापुर जिले के गाँवों का दौरा करने के बाद गुरुवार को वाशिम जिले के मसल गाँव पहुँचे। यहाँ स्थानीय किसानों की भारी भीड़ उनसे मिलने और मवेशियों के चारे व पीने के पानी की किल्लत से संबंधित ज्ञापन सौंपने के लिए उमड़ पड़ी।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'चिंता न करें; सरकार मज़बूती से आपके साथ खड़ी है। हम सूखे के लिए GR जारी करेंगे और जिन किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिल पाया था, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा।'
राहत के आपातकालीन उपाय
आर्थिक सहायता के अलावा, फडणवीस ने बताया कि राज्य प्रशासन पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारे का वितरण करने और फसल नुकसान के आकलन (पंचनामा) को तेज़ गति से पूरा करने के लिए आपातकालीन कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पानी की आपूर्ति योजनाओं के बकाया बिलों का भुगतान करेगी ताकि हर गाँव तक पेयजल पहुँच सके।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि पंचनामा केवल कानूनी अनिवार्यता के कारण किया जा रहा है और 'सरकार का किसानों को प्रशासनिक देरी में उलझाने का कोई इरादा नहीं है।'
1972 से भी गंभीर हालात, बारिश घटकर 50 प्रतिशत
मुख्यमंत्री फडणवीस ने लातूर जिले की स्थिति को विशेष रूप से चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले सूखे के वर्षों में बारिश 63 प्रतिशत थी, जबकि इस बार यह घटकर 50 प्रतिशत रह गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने खुद माना कि मौजूदा हालात 1972 के ऐतिहासिक सूखे से भी अधिक गंभीर हैं — जो महाराष्ट्र में अकाल की सबसे भीषण यादों में से एक है।
यह ऐसे समय में आया है जब विदर्भ और मराठवाड़ा के किसान पहले से ही कृषि संकट, कम उत्पादन और कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। राज्य में किसान आत्महत्याओं की घटनाएँ बार-बार राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनती रही हैं।
खरीफ और रबी — दोनों फसलें प्रभावित
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खरीफ और रबी दोनों मौसमों में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए सहायता देगी। उन्होंने किसानों से अगले तीन-चार महीनों तक धैर्य और हिम्मत बनाए रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि इस अवधि में राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
आगे क्या होगा
आधिकारिक GR जारी होने के बाद प्रभावित जिलों में राहत वितरण और कर्ज माफी की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सूखा घोषणा के बाद केंद्र से राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) की माँग भी की जा सकती है। राज्य में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि छूटे हुए किसानों की पहचान की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और त्वरित रहती है।