महाराष्ट्र सूखा राहत: फडणवीस ने किसानों को ₹5,000 अग्रिम, NDRF से अधिक सहायता का आश्वासन दिया
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार सूखाग्रस्त किसानों को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के मानदंडों से कहीं अधिक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रभावित किसानों को ₹5,000 का तत्काल अग्रिम भुगतान किया जाएगा और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल टैंकर व चारा उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
मुख्य राहत घोषणाएँ
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने संकटग्रस्त उपसा सिंचाई योजनाओं के ऋण माफ करने का निर्णय लिया है और इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। नमो शेतकरी महासन्मान निधी योजना की लंबित किश्तें भी किसानों को शीघ्र दी जाएंगी।
नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को सरकार ₹50,000 का प्रोत्साहन अनुदान दे रही है। ऋण माफी के लिए गठित मंत्रिपरिषद इस अनुदान राशि में वृद्धि पर विचार करेगी और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
बैंक ऋण और फसल बीमा पर निर्देश
फडणवीस ने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के माध्यम से सभी बैंकों को पत्र भेजा जाएगा कि नए फसल ऋण देते समय CIBIL स्कोर को अनिवार्य शर्त न बनाया जाए। यह कदम उन किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो पहले से कर्ज में हैं और बैंक से नया ऋण लेने में कठिनाई अनुभव कर रहे हैं।
फसल बीमा के लिए पहले से लागू ट्रिगर तंत्र को फिर से शुरू करने के संबंध में संबंधित विभाग के निर्णय की समीक्षा के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा।
महिला और आदिवासी लाभार्थियों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री लड़की बहन योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण कर चुकी महिलाओं को बकाया किश्तों का भुगतान तत्काल किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी क्षेत्रों की उन महिलाओं के मामले में भी सकारात्मक रूप से विचार करेगी जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जनजातीय विकास निगम के माध्यम से शिशु हिर्दा की खरीद बहाल करने और इस उत्पाद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने के निर्देश दिए।
श्रमिक और पोषण कार्यकर्ताओं के लिए घोषणाएँ
सरकार विद्यालय पोषण कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹1,000 की वृद्धि करने के प्रति सकारात्मक है, जिससे उनका मासिक मानदेय ₹3,500 हो जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिया गया कि पेसा गाँवों में कार्यरत महिला पोषण कार्यकर्ताओं का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाए।
निर्माण श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत लाभ योजनाओं का स्वरूप केंद्र सरकार के नए श्रम अधिनियम के अनुसार निर्धारित किया जाएगा और उनके लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना शुरू करने पर भी सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है।
भूमि अभिलेख और अन्य मांगें
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मंदिर की ज़मीनों के सतबारा पर किसानों के नाम दर्ज करने के लिए राज्यस्तरीय जानकारी एकत्र की जा रही है और किसान सभा के प्रतिनिधियों के साथ इस विषय पर अलग बैठक आयोजित की जाएगी। इस कानून की मसौदा समिति में किसान सभा के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
वर्धा ज़िले में मांग पत्र भरने के बावजूद कृषि पंपों के लिए बिजली कनेक्शन न मिलने के मामलों की जाँच के निर्देश दिए गए। सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंपों से जुड़ी शिकायतों की भी विस्तृत जाँच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भराणे तथा किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, अध्यक्ष उमेश देशमुख और महासचिव डॉ. अजीत नवले सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आने वाले हफ्तों में सरकार की इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर किसान संगठनों की नज़र रहेगी।