आगरा के पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल में मित्र देशों के 16 जवानों को मिले 'पैरा विंग्स'
सारांश
मुख्य बातें
आगरा स्थित पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल (PTS) में भारत की सैन्य कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग की एक उल्लेखनीय मिसाल 27 अक्टूबर 2026 को सामने आई, जब मित्र देशों के 16 सैनिकों ने प्रतिष्ठित 'पैरा बेसिक कोर्स' सफलतापूर्वक पूरा कर 'पैरा विंग्स' अर्जित किए। सेंट्रल एयर कमांड (CAC) ने अपने आधिकारिक माध्यम से इस उपलब्धि की जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण की उपलब्धि
CAC ने इस अवसर पर कहा, "पंखों से जुड़े, भाईचारे से मजबूत। आगरा स्थित पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई, जहाँ मित्र देशों के 16 कर्मियों ने सफलतापूर्वक 'पैरा बेसिक कोर्स' पूरा किया और अपने प्रतिष्ठित 'पैरा विंग्स' प्राप्त किए।" यह प्रशिक्षण केवल हवाई कौशल तक सीमित नहीं था — इसने आपसी विश्वास, पेशेवर उत्कृष्टता और सैन्य भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया।
CAC ने इसे 'अलग अलग देश, साझा आसमान, एक हवाई भाईचारा' की भावना से परिभाषित किया। यह प्रशिक्षण भारत और मित्र देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का व्यावहारिक प्रमाण है।
शत्रुजीत ब्रिगेड का 85वाँ स्थापना दिवस
इसी अवसर पर सेंट्रल एयर कमांड ने शत्रुजीत ब्रिगेड के 85वें स्थापना दिवस का भी सम्मान किया। आगरा के पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल ने इस ऐतिहासिक अवसर पर 'स्टैटिक लाइन' और 'कॉम्बैट फ्री फॉल' जंप का भव्य आयोजन किया।
इस विशेष हवाई प्रदर्शन में ब्रिगेड के सेवारत जवानों और पूर्व सैनिकों (वेटरन्स) दोनों ने भाग लिया। आसमान से की गई इन छलांगों ने न केवल दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि ब्रिगेड की गौरवशाली परंपरा को भी श्रद्धांजलि दी।
सैन्य भावना और विरासत का संदेश
CAC ने इस आयोजन पर कहा, "यह साहस, प्रतिबद्धता और आपसी भाईचारे की उस साझा भावना को दर्शाता है, जो पैराट्रूपर्स की कई पीढ़ियों को आपस में जोड़कर रखती है। विरासत का सम्मान। भावना को कायम रखना। आपसी बंधनों को मजबूत करना।" गौरतलब है कि यह संदेश केवल एक समारोह का नहीं, बल्कि भारत की बहु पीढ़ीगत सैन्य संस्कृति की निरंतरता का प्रतीक है।
PTS: भारत की सैन्य कूटनीति का केंद्र
आगरा स्थित पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल भारतीय सशस्त्र बलों के पैराट्रूपर्स को प्रशिक्षण देने का प्रमुख केंद्र है। यह ऐसे समय में और भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है जब भारत अपनी रक्षा साझेदारियों को इंडो पैसिफिक और उससे परे विस्तारित कर रहा है। विदेशी सैनिकों का यहाँ प्रशिक्षण लेना भारत की वैश्विक सैन्य विश्वसनीयता और सॉफ्ट पावर का प्रत्यक्ष संकेत है।
आने वाले समय में इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत की रक्षा कूटनीति में और अधिक केंद्रीय भूमिका निभाने की संभावना है।