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क्या मांडवी में एनसीसी कैडेट्स ने पैरासेलिंग प्रशिक्षण के जरिए साहसिकता की नई ऊँचाइयाँ छुईं?

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क्या मांडवी में एनसीसी कैडेट्स ने पैरासेलिंग प्रशिक्षण के जरिए साहसिकता की नई ऊँचाइयाँ छुईं?

सारांश

मांडवी में एनसीसी कैडेट्स ने साहसिक गतिविधियों में भाग लेते हुए पैरासेलिंग प्रशिक्षण का अनुभव लिया। यह शिविर कैडेटों को आत्मविश्वास और टीम वर्क के साथ-साथ नवीनतम तकनीकों से परिचित कराने का एक सुनहरा अवसर है।

मुख्य बातें

पैरासेलिंग का प्रशिक्षण कैडेटों में साहस और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
प्रशिक्षण से टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता में सुधार होता है।
सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कैडेट्स को अनुभव मिलता है।
ड्रोन तकनीक और पैरासेलिंग जैसे नवीनतम कौशल सिखाए जाते हैं।
युवाओं को साहसिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है।

मांडवी, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के कच्छ जिले के मांडवी में 14 से 23 जनवरी तक आयोजित राज्य संयुक्त वार्षिक शिविर के अंतर्गत एनसीसी ग्रुप जामनगर के सेना और नौसेना के कुल 594 कैडेट्स विशेष पैरासेलिंग प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।

इस शिविर का आयोजन 36 गुजरात बटालियन एनसीसी, भुज ने किया है। यह साहसिक गतिविधि कैडेटों में नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की जा रही है।

प्रमाणित प्रशिक्षकों की देखरेख में कैडेटों को पैरासेलिंग के बुनियादी और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा सुरक्षा मानकों, उपकरणों के संचालन, टेकऑफ और लैंडिंग की प्रक्रिया, संतुलन और नेविगेशन का अभ्यास कराया जा रहा है।

मांडवी के समुद्र तटों पर आयोजित इस प्रशिक्षण से कैडेटों को अपने डर पर काबू पाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी क्षमताओं को परखने का अवसर मिल रहा है।

एनसीसी ग्रुप जामनगर के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर पी. शशि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस शिविर का मुख्य आकर्षण पैरासेलिंग प्रशिक्षण है। यह कैडेटों के लिए नई तकनीक सीखने का सुनहरा अवसर है और एनसीसी के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिलती है। इस प्रशिक्षण से कैडेटों का डर दूर होता है और उन्हें अपने पंख फैलाने का अवसर मिल रहा है।

सीनियर एनसीसी कैडेट रचना जोधा ने बताया कि इस शिविर में जीप पैरासेलिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए सेना और वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कैडेटों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।

सीनियर एनसीसी कैडेट जेसिका धनानी ने बताया कि उन्हें ड्रोन ऑपरेटिंग के बारे में भी जानकारी दी गई है। यह तकनीक हाल के अभियानों में महत्वपूर्ण रही है और युवाओं को नई तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।

सेवानिवृत्त कैप्टन ए.एस. सोकिन ने कहा कि कैडेटों को पैरासेलिंग का प्रशिक्षण देने के लिए यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि कैडेट्स में उत्साह देखा जा रहा है। पैरासेलिंग से पहले सेफ्टी ब्रीफिंग की जाती है, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लें, क्योंकि इससे आत्मविश्वास और साहस विकसित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा भी प्रदान कर रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को नई तकनीकों और नेतृत्व कौशल में दक्षता प्राप्त होती है, जो उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैरासेलिंग प्रशिक्षण कब तक चलेगा?
यह प्रशिक्षण 14 से 23 जनवरी तक चलेगा।
इस शिविर का आयोजन कौन कर रहा है?
यह शिविर 36 गुजरात बटालियन एनसीसी, भुज द्वारा आयोजित किया गया है।
क्या प्रशिक्षण में सुरक्षा का ध्यान रखा गया है?
हाँ, प्रशिक्षण में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
कैडेट्स को किन बातों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
कैडेट्स को पैरासेलिंग के बुनियादी और तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
क्या इस शिविर में कोई विशेष गतिविधियाँ हैं?
इस शिविर में जीप पैरासेलिंग और ड्रोन ऑपरेटिंग जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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