क्या एनसीसी कैडेट्स की सेवा आपदा राहत अभियानों में सराहनीय है? उपराष्ट्रपति का बयान
सारांश
Key Takeaways
- एनसीसी कैडेट्स की सेवाएं आपदा राहत में महत्वपूर्ण हैं।
- उपराष्ट्रपति ने आपदा प्रबंधन में एनसीसी की भूमिका की सराहना की।
- युवाओं को आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी सिखाना एनसीसी का लक्ष्य है।
- रिपब्लिक डे कैंप में 2,406 कैडेट्स की भागीदारी है।
- विदेशों से भी कैडेट्स आए हैं, जो यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम का हिस्सा हैं।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एनसीसी कैडेट्स की सेवाओं की प्रशंसा की, जो ऑपरेशन सिंदूर और अन्य आपदा राहत अभियानों में दिखाई दी। उपराष्ट्रपति ने सोमवार को नई दिल्ली में एनसीसी के रिपब्लिक डे कैंप 2026 का दौरा किया और वहां कैडेट्स को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि एनसीसी शिविर सिर्फ प्रशिक्षण का स्थल नहीं है, बल्कि यह भारत की विविधता में एकता, संविधानिक मूल्यों और भविष्य के नेतृत्व का प्रतीक है।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप के उद्घाटन में भाग लिया। उन्होंने एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इसका ध्येय वाक्य “एकता और अनुशासन” युवाओं को आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सेवा भाव
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यही युवा विकसित भारत 2047 की नींव हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में एनसीसी कैडेट्स द्वारा उपराष्ट्रपति का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने हॉल ऑफ फेम का दौरा किया, जहां उन्हें एनसीसी की गौरवमयी विरासत के बारे में जानकारी दी गई।
उपराष्ट्रपति ने आपदा प्रबंधन की तैयारी एवं नई तकनीकों को अपनाने में एनसीसी की भूमिका की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कैडेट्स ने विभिन्न राज्यों की कला-संस्कृति का प्रदर्शन किया।
एनसीसी के इस कैंप में 2,406 कैडेट्स हैं, जिनमें 898 बालिका कैडेट्स भी शामिल हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा दल है, जिसमें विदेशों से भी कैडेट्स शामिल हैं।