सबरीमाला सोने की चोरी का मामला: केरल भाजपा ने सीएम से ‘भगवान अय्यप्पा से माफी’ की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- सोना चोरी मामला केरल में राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है।
- भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग की।
- मुख्यमंत्री पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने मामले को सही से नहीं संभाला।
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है।
तिरुवनंतपुरम, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कथित सबरीमला सोना चोरी मामले में उत्तरदायित्व तय करने की मांग को लेकर केरल भाजपा ने मंगलवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को इस मामले के प्रबंधन के लिए “भगवान अय्यप्पा से माफी मांगनी चाहिए।”
यह बयान मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ‘क्लिफ हाउस’ के बाहर आयोजित पार्टी के ‘अय्यप्पा ज्योति’ विरोध प्रदर्शन के दौरान दिया गया। इस प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने दीप जलाकर नारेबाजी की और सरकार पर असली दोषियों को बचाने तथा श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि सबरीमला के तंत्री (मुख्य पुजारी) की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रेरणा से की गई थी और उसके लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। उनका यह भी कहना था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने स्वर्ण चोरी मामले में देवस्वम मंत्री और अन्य अधिकारियों को बचाने के लिए कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि तंत्री के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था, फिर भी जल्दबाजी में गिरफ्तारी की गई। उनके अनुसार, यह कदम कथित गोल्ड घोटाले से जुड़े गंभीर सवालों से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया था।
भाजपा ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सबरीमला सोना मामले की सीबीआई जांच, राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे की वापसी और श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज “झूठे मामलों” को रद्द करना शामिल हैं।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में कुछ बिचौलिये सीपीआई (एम) और कांग्रेस दोनों की ओर से शामिल हैं, जिससे जांच “राजनीतिक रूप से प्रभावित” हो गई है।
इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने एक संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या मंदिर में अभी भी सोना उपलब्ध है। शीर्ष अदालत ने यह सवाल आरोपी पंकज भंडारी की जमानत याचिका पर विचार करते समय उठाया और अगली सुनवाई ९ मार्च के लिए निर्धारित की है।
अब तक इस मामले में कुल १३ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से छह को जमानत मिल चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों ने भी जमानत याचिका दायर की है।