पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति: गार्गी चटर्जी की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
- पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और राजनीतिक मिलीभगत से स्थिति बिगड़ रही है।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप हैं।
कोलकाता, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सीपीआईएम की नेता गार्गी चटर्जी ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कानून-व्यवस्था का हाल बहुत खराब है। पुलिस प्रशासन की स्थिति ऐसी है कि वे मूक-दर्शक बनकर रह गई हैं।
उन्होंने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्य के सभी सुरक्षाबल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में लगे हुए हैं। इस प्रकार की स्थिति में राज्य में कानून-व्यवस्था का बिगड़ना निश्चित है। यहाँ के सुरक्षाबलों का प्रदेश के मामलों से कोई वास्ता नहीं है। कानून-व्यवस्था का लगातार मजाक उड़ाया जा रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था का हाल बहुत बिगड़ चुका है।
गार्गी चटर्जी ने आगे कहा कि आतंकवादियों को पहचानकर उन्हें सजा दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन, इस मामले में सरकार का क्या रुख है, यह किसी से छुपा नहीं है। हम सभी को पता है कि राज्य सरकार आरजी कर प्रकरण में किस तरह की नीति अपनाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी चोरों और डकैतों के लिए पश्चिम बंगाल एक सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। चोरों और डकैतों को लगता है कि वे यहाँ सुरक्षित हैं। वर्तमान स्थिति के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही जिम्मेदार हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी और भाजपा के बीच संपर्क है। ये दोनों दल आपस में मिले हुए हैं। इसलिए हम लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की मांग कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। यहाँ जो कुछ भी हो रहा है, वह गलत है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन दोनों राजनीतिक दलों का हमारे राज्य से कोई लेना-देना नहीं है।
गार्गी चटर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीति कर रही है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा हमारे लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लेकिन, हम इसे रोकने के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे।