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कर्नाटक में एबीवीपी की गृह मंत्री को अपील, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई की मांग

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कर्नाटक में एबीवीपी की गृह मंत्री को अपील, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई की मांग

सारांश

बेंगलुरु, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। एबीवीपी ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में alleged देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्या इसके परिणाम गंभीर होंगे?

मुख्य बातें

शैक्षणिक परिसर में देश विरोधी गतिविधियों का आरोप गृह मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग एबीवीपी की प्रमुख मांगें: जांच, प्रतिबंध और मान्यता रद्दीकरण युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने का प्रयास छात्र राजनीति में बढ़ती बहस

बेंगलुरु, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी (एपीयू) में alleged देश विरोधी गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

एबीवीपी के बेंगलुरु महानगर सचिव अभिनंदन मिर्जी ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) और इसके प्रायोजित संगठन एसपीएआरके पर तुरंत प्रतिबंध लगाने, जांच प्रारंभ करने और यूनिवर्सिटी की मान्यता को रद्द करने की अपील की है।

पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि शैक्षणिक परिसर अब देश विरोधी घटनाओं के केंद्र बनते जा रहे हैं। एआईएसए कई वर्षों से युवा छात्रों को देश के खिलाफ भड़काने वाली गतिविधियों में संलग्न कर रहा है। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में एसपीएआरके के माध्यम से देश विरोधी विचारों को फैलाने वाली सभाएं आयोजित की जा रही हैं।

इन कार्यक्रमों में भारतीय सेना के जवानों को बलात्कारी और हिंसक अपराधियों के रूप में दर्शाया गया है। कुछ आयोजनों में कश्मीर को भारत का हिस्सा न मानते हुए उसकी 'मुक्ति' का आह्वान किया जा रहा है, जिससे देश की अखंडता को खतरा उत्पन्न हो रहा है।

पत्र में आगे कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर (जो 2025 में भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुआ था) की निंदा की जा रही है। कार्यक्रमों के माध्यम से नक्सल विचारधारा और माओवादियों का समर्थन किया जा रहा है। युवाओं के मन में देश विरोधी विचार बोए जा रहे हैं, जो देश की एकता और अखंडता को हानि पहुँचा रहे हैं। एबीवीपी ने इसे गंभीर खतरे के रूप में वर्णित किया है, क्योंकि ऐसे शैक्षणिक परिसर देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

एबीवीपी की प्रमुख मांगों में शामिल हैं: एआईएसए और उसके स्पॉन्सर्ड एसपीएआरके (एपीयू) संगठन पर तुरंत प्रतिबंध, कैंपस में ऐसी गतिविधियों में शामिल छात्रों और नेताओं के खिलाफ तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई, और अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की मान्यता को रद्द करना।

अभिनंदन मिर्जी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विचारों की स्वतंत्रता का स्थान हैं, लेकिन देशद्रोह के लिए नहीं। एबीवीपी कैंपस में ऐसी गतिविधियों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही है और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित कर रही है।

यह पत्र ऐसे समय में आया है जब देश में छात्र राजनीति और कैंपस गतिविधियों पर बहस तेज हो चुकी है। एपीयू में पहले भी फिलिस्तीन के समर्थन में और अन्य मुद्दों पर प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब इतने गंभीर आरोपों के साथ गृह मंत्री को पत्र लिखा गया है। एआईएसए और एसपीएआरके के प्रतिनिधियों ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एबीवीपी ने किस यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है?
एबीवीपी ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में क्या आरोप लगाए गए हैं?
पत्र में आरोप लगाया गया है कि यूनिवर्सिटी में देश विरोधी गतिविधियाँ हो रही हैं।
एबीवीपी की प्रमुख मांगें क्या हैं?
एबीवीपी की प्रमुख मांगों में एआईएसए और एसपीएआरके पर प्रतिबंध, जांच और यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करना शामिल है।
अभिनंदन मिर्जी का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विचारों की आजादी का स्थान हैं, लेकिन देशद्रोह का नहीं।
क्या एआईएसए और एसपीएआरके के प्रतिनिधियों ने प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक एआईएसए और एसपीएआरके के प्रतिनिधियों ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
राष्ट्र प्रेस
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