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एनसीसी कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के नए मॉड्यूल का शुभारंभ

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एनसीसी कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के नए मॉड्यूल का शुभारंभ

सारांश

एनसीसी के कैडेट्स अब साइबर सुरक्षा में दक्षता हासिल करेंगे। एक ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल से वे सुरक्षित डिजिटल तरीकों को समझेंगे।

मुख्य बातें

साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग का प्रारंभ एनसीसी द्वारा किया गया है।
प्रशिक्षण को एनआईईएलआईटी के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
दो चरणों में प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा।
कैडेट्स को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
यह कार्यक्रम डिजिटल इंडिया के तहत है।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अब राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट तकनीकी रूप से सक्षम और प्रशिक्षित होंगे। इन कैडेटों को विशेष रूप से साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। इसके लिए एक ऑनलाइन और एक ऑफलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल विकसित किया गया है।

एनसीसी कैडेट्स को यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के सहयोग से दी जाएगी। कैडेटों को साइबर जागरूकता, डिजिटल स्वच्छता और व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सोमवार को एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी की उपस्थिति में एनसीसी और एनआईईएलआईटी के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पहले चरण में कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम होगा। यह एक 15 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल है, जिसे डिजिटल साक्षरता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर स्वच्छता और साइबर खतरों के बारे में बुनियादी जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।

यह पहला चरण देश भर में सभी पंजीकृत एनसीसी कैडेटों के लिए खुला रहेगा। इस मॉड्यूल को एनआईईएलआईटी के डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया जाएगा। दूसरे चरण में साइबर रक्षा कार्यक्रम होगा, जो एक गहन 60 घंटे का ऑफलाइन प्रशिक्षण है। यह प्रशिक्षण योग्यता-आधारित स्क्रीनिंग के जरिए से चयनित कैडेटों के लिए विकसित किया गया है।

इस चरण में साइबर सुरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण, वास्तविक जीवन के सिमुलेशन और साइबर सुरक्षा उपकरणों व तकनीकों के व्यावहारिक अनुभव पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे कैडेट साइबर खतरों को प्रभावी ढंग से पहचानने और उनका सामना करने में सक्षम होंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे कैडेट्स तैयार करना है जो जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित डिजिटल तरीकों को बढ़ावा देने में सक्षम हों। साथ ही, इस प्रशिक्षण से साइबर सुरक्षा पहलों का समर्थन करने के लिए योग्य एनसीसी साइबर कैडेटों का एक समूह तैयार किया जाएगा। यह कार्यक्रम डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के तहत राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल उनकी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि देश में साइबर जागरूकता फैलाने में भी मदद करेगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमारे युवाओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए तैयार कर रहा है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस ट्रेनिंग का उद्देश्य क्या है?
इस ट्रेनिंग का उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार सिखाना है।
कितने चरणों में यह प्रोग्राम होगा?
यह प्रोग्राम दो चरणों में होगा, पहला ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम और दूसरा ऑफलाइन साइबर रक्षा प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण की अवधि कितनी होगी?
प्रथम चरण का प्रशिक्षण 15 घंटे का होगा, जबकि दूसरे चरण का प्रशिक्षण 60 घंटे का होगा।
राष्ट्र प्रेस
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