मालदा हिंसा में एनआईए ने कांग्रेस के दो नेताओं सहित तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया

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मालदा हिंसा में एनआईए ने कांग्रेस के दो नेताओं सहित तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया

सारांश

कोलकाता में एनआईए ने मालदा के मोथाबाड़ी मामले में दो कांग्रेस नेताओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। यह मामला एक जटिल राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की भी भूमिका है।

Key Takeaways

  • मालदा मामले में एनआईए की कार्रवाई ने राजनीतिक तनाव को बढ़ाया है।
  • सुप्रीम कोर्ट की संस्तुति से स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
  • वोटर लिस्ट में नाम हटाने के खिलाफ नागरिकों में आक्रोश है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है।

कोलकाता, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मालदा के मोथाबाड़ी मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आईएसएफ नेता के बाद, अब जांच एजेंसी ने दो कांग्रेस नेताओं को भी हिरासत में लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शहदात हुसैन और आसिफ शेख के रूप में की गई है।

एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, मालदा के दो कांग्रेस नेताओं को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उनके बयानों में विरोधाभास पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले गोलाम रब्बानी नामक एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था।

मालदा विधानसभा सीट के कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी से भी एनआईए अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की थी। हालांकि, उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कोलकाता की सीबीआई विशेष अदालत में कुल १२ एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले मालदा जिले के मोथाबाड़ी में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को रोके जाने से संबंधित हैं।

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, ये मामले भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, अवैध रूप से रोकना, गैरकानूनी सभा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सरकारी काम में बाधा डालना, आदेशों की अवहेलना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, आपराधिक धमकी और राष्ट्रीय राजमार्ग को लंबे समय तक अवरुद्ध करना शामिल हैं।

वोटर लिस्ट में नाम हटाए जाने के खिलाफ मालदा के मोथाबाड़ी, सुजापुर और कालियाचक सहित कई क्षेत्रों में बार-बार तनाव की स्थिति बनी रही। ३ अप्रैल को आक्रोशित भीड़ ने कालियाचक-२ ब्लॉक कार्यालय में एसआईआर का कार्य कर रहे सात अधिकारियों को रात भर रोके रखा, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस प्रशासन की भूमिका पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जानी चाहिए। इसके बाद चुनाव आयोग ने भी जांच एनआईए को सौंप दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए राज्य में तृणमूल कांग्रेस पर आतंक का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि टीएमसी लोगों को एसआईआर प्रक्रिया के बारे में गुमराह कर रही है और बंगाल में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।

Point of View

NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

मालदा हिंसा मामले में एनआईए ने किसे गिरफ्तार किया?
एनआईए ने मालदा के मोथाबाड़ी मामले में दो कांग्रेस नेताओं शहदात हुसैन और आसिफ शेख को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की क्या भूमिका है?
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई या एनआईए से कराने का आदेश दिया है।
क्या इस मामले में अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए हैं?
हाँ, इससे पहले गोलाम रब्बानी नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था।
मालदा में तनाव की स्थिति क्यों बनी है?
वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में विभिन्न क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर क्या कहा?
मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर आतंक का माहौल बनाने का आरोप लगाया है।
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