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एनआईए ने मालदा के स्थानीय नेता सायेम चौधरी को किया गिरफ्तार, न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में 30वीं गिरफ्तारी

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एनआईए ने मालदा के स्थानीय नेता सायेम चौधरी को किया गिरफ्तार, न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में 30वीं गिरफ्तारी

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच कर रही एनआईए ने मालदा के स्थानीय नेता सायेम चौधरी को गिरफ्तार किया — यह इस मामले में 30वीं गिरफ्तारी है। आरोप है कि उसने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और 9 पुलिसकर्मियों पर हमले में साजिश रची।

मुख्य बातें

एनआईए ने मालदा के स्थानीय नेता सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी को 25 जून को गिरफ्तार किया।
आरोपी 1 अप्रैल को बीडीओ कार्यालय ब्लॉक-2 में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मुख्य आरोपियों में शामिल था।
घटना में 9 पुलिसकर्मी घायल हुए थे; आरोपी ने एक दिन पहले हिंसा भड़काने वाला भाषण दिया था।
इस मामले में एनआईए अब तक कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच सर्वोच्च न्यायालय के स्वतः संज्ञान और निर्देश पर शुरू हुई थी।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के स्थानीय नेता सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को गैर-कानूनी रूप से बंधक बनाने और हिंसा भड़काने से जुड़े मामले में की गई है। अधिकारियों ने गुरुवार, 25 जून को इसकी पुष्टि की।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

मोथबारी, मालदा निवासी सायेम चौधरी को एनआईए ने अपने कोलकाता स्थित ब्रांच कार्यालय में विस्तृत पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी 1 अप्रैल को बीडीओ कार्यालय के ब्लॉक-2 में न्यायिक अधिकारियों को गैर-कानूनी रूप से बंधक बनाने में शामिल मुख्य आरोपियों में से एक था।

अधिकारियों ने बताया कि बाबू चौधरी उस भीड़ का हिस्सा था जिसने कानून-व्यवस्था में बाधा डाली और सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले किए। इन हमलों में 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

आरोपी की भूमिका

जांच टीम के अनुसार, सायेम चौधरी ने घटना से एक दिन पहले बीडीओ कार्यालय के सामने भाषण दिया था, जिसका उद्देश्य लोगों को हिंसक विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाना था। अधिकारियों ने यह भी बताया कि उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और उन गैर-कानूनी सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हिंसा, डराने-धमकाने और बाधा उत्पन्न करने की कोशिशें की गईं।

अब तक की जांच और गिरफ्तारियाँ

एनआईए ने पुष्टि की है कि इस मामले में अब तक कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी मालदा जिले में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान हुए भीड़ के विरोध-प्रदर्शन और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि एनआईए ने इन मामलों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर शुरू की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने मालदा में अप्रैल में हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लिया था — जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है।

एनआईए की आगे की कार्रवाई

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव-पूर्व हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सभी संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में अपनी जांच जारी रखे हुए है। यह मामला राज्य में चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के व्यापक सवाल से भी जुड़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और कानून-व्यवस्था की विफलता को लेकर केंद्र-राज्य संघर्ष गहरा है। न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने जैसी घटना संवैधानिक संस्थाओं पर सीधे हमले की श्रेणी में आती है — और इसीलिए सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा। असली सवाल यह है कि राज्य पुलिस उस दिन क्यों विफल रही, और इस पर जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने सायेम चौधरी को किस मामले में गिरफ्तार किया?
एनआईए ने सायेम चौधरी को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को गैर-कानूनी रूप से बंधक बनाने और पुलिसकर्मियों पर हमले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया। यह घटना 1 अप्रैल को बीडीओ कार्यालय के ब्लॉक-2 में हुई थी।
मालदा एसआईआर हिंसा मामले में एनआईए की जांच क्यों हो रही है?
सर्वोच्च न्यायालय ने मालदा में अप्रैल में हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लेते हुए एनआईए को जांच के निर्देश दिए थे। यह मामला चुनाव-पूर्व मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से जुड़ा है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
एनआईए ने इस मामले में अब तक कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सायेम चौधरी की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है।
सायेम चौधरी पर क्या-क्या आरोप हैं?
अधिकारियों के अनुसार, सायेम चौधरी ने घटना से एक दिन पहले हिंसक विरोध-प्रदर्शन के लिए भड़काऊ भाषण दिया, भीड़ के साथ न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने में भाग लिया, और पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल रहा जिसमें 9 पुलिसकर्मी घायल हुए।
एनआईए की जांच आगे किस दिशा में जाएगी?
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव-पूर्व हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सभी संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी जारी रखेगी। एजेंसी मालदा में एक दर्जन से अधिक संबंधित मामलों की जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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