20 जुलाई 2026
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राजारहाट विस्फोट: दूसरा आरोपी शहंशाह गिरफ्तार, एनआईए जांच में दो जिंदा बम बरामद

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राजारहाट विस्फोट: दूसरा आरोपी शहंशाह गिरफ्तार, एनआईए जांच में दो जिंदा बम बरामद

सारांश

राजारहाट के सुपारी बागान में हुए घरेलू विस्फोट की जांच अब एनआईए के हाथ में है। दो आरोपी गिरफ्तार, दो जिंदा बम बरामद और एक संदिग्ध अभी भी फरार — यह मामला महज एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में विस्फोटक नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर इशारा कर रहा है।

मुख्य बातें

राजारहाट के दक्षिण नारायणपुर सुपारी बागान में शुक्रवार देर रात हुए विस्फोट में एक व्यक्ति घायल हुआ।
ब्रोकर शहंशाह की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को सोदपुर से पकड़ा गया था।
बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल से दो जिंदा बम बरामद किए।
मकान मालिक जुल्फिकार अली और एक नाबालिग पूछताछ के लिए हिरासत में।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक टीम ने जांच संभाली; एक संदिग्ध अभी भी फरार।

कोलकाता के बाहरी इलाके राजारहाट के दक्षिण नारायणपुर स्थित सुपारी बागान में शुक्रवार देर रात हुए घरेलू विस्फोट मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी शहंशाह को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या दो हो गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर विस्फोट के कारण तथा स्रोत की पड़ताल कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम

विस्फोट 18 जुलाई की देर रात राजारहाट के एक मकान में हुआ, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल से दो और जिंदा बम बरामद किए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।

मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि शमीम ने ब्रोकर शहंशाह के माध्यम से फर्जी पहचान के जरिए यह मकान किराए पर लिया था।

दूसरी गिरफ्तारी और हिरासत

पुलिस के अनुसार, शहंशाह एक ब्रोकर है जिस पर मुख्य आरोपी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कमरा दिलाने का आरोप है। कई घंटों की लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एक नाबालिग और मकान मालिक जुल्फिकार अली को भी पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। मामले से जुड़े एक अन्य संदिग्ध की तलाश अभी भी जारी है।

एनआईए और फोरेंसिक जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर विस्फोट के वास्तविक कारण और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। घटनास्थल से बरामद जिंदा बमों ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

राजारहाट-न्यू टाउन से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक पीयूष कनोडिया शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, 'इस पूरे इलाके में लोगों के मन में डर का माहौल बनाया गया है। वर्षों तक यहां शासन करने वालों ने पूरे क्षेत्र को बर्बाद कर दिया। हम आतंकवाद नहीं, शिक्षा चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि युवाओं के हाथों में बंदूकें और मशीनगन हों। हम चाहते हैं कि उनके हाथों में किताबें और कलम हों।'

आगे क्या होगा

एनआईए की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, विस्फोटकों की आपूर्ति श्रृंखला और संभावित नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। एक अन्य फरार संदिग्ध की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है। यह मामला पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संभावित संगठित नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। फर्जी पहचान से किराए पर कमरा लेना और घर में जिंदा बमों का जखीरा — ये तथ्य मिलकर एक गंभीर तस्वीर बनाते हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विस्फोटक बरामदगी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन दोषसिद्धि दर सवालों के घेरे में रही है। असली परीक्षा यह है कि एनआईए फरार संदिग्ध तक पहुंचकर आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश कर पाती है या नहीं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजारहाट विस्फोट मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं — मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को सोदपुर से और ब्रोकर शहंशाह को लंबी पूछताछ के बाद। इसके अलावा मकान मालिक जुल्फिकार अली और एक नाबालिग हिरासत में हैं।
राजारहाट विस्फोट कब और कहाँ हुआ?
यह विस्फोट 18 जुलाई की देर रात कोलकाता के राजारहाट स्थित दक्षिण नारायणपुर के सुपारी बागान इलाके में एक मकान में हुआ। विस्फोट में एक व्यक्ति घायल हो गया और बम निरोधक दस्ते ने मौके से दो जिंदा बम बरामद किए।
राजारहाट विस्फोट की जांच एनआईए को क्यों सौंपी गई?
घटनास्थल से जिंदा बमों की बरामदगी और फर्जी पहचान से किराए पर कमरा लेने जैसे संवेदनशील तथ्यों को देखते हुए मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है। एनआईए के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी विस्फोट के कारण और स्रोत की पड़ताल कर रही है।
आरोपी शहंशाह की इस मामले में क्या भूमिका है?
शहंशाह एक ब्रोकर है जिस पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को फर्जी पहचान के जरिए मकान मालिक जुल्फिकार अली का मकान किराए पर दिलाया। पुलिस ने कई घंटों की पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया।
क्या राजारहाट विस्फोट मामले में अभी कोई संदिग्ध फरार है?
हां, पुलिस के अनुसार इस घटना से जुड़ा एक अन्य संदिग्ध अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। एनआईए की जांच में इस फरार संदिग्ध तक पहुंचना प्राथमिकता बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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