राजारहाट विस्फोट: दूसरा आरोपी शहंशाह गिरफ्तार, एनआईए जांच में दो जिंदा बम बरामद
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के बाहरी इलाके राजारहाट के दक्षिण नारायणपुर स्थित सुपारी बागान में शुक्रवार देर रात हुए घरेलू विस्फोट मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी शहंशाह को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या दो हो गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर विस्फोट के कारण तथा स्रोत की पड़ताल कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
विस्फोट 18 जुलाई की देर रात राजारहाट के एक मकान में हुआ, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल से दो और जिंदा बम बरामद किए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।
मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि शमीम ने ब्रोकर शहंशाह के माध्यम से फर्जी पहचान के जरिए यह मकान किराए पर लिया था।
दूसरी गिरफ्तारी और हिरासत
पुलिस के अनुसार, शहंशाह एक ब्रोकर है जिस पर मुख्य आरोपी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कमरा दिलाने का आरोप है। कई घंटों की लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एक नाबालिग और मकान मालिक जुल्फिकार अली को भी पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। मामले से जुड़े एक अन्य संदिग्ध की तलाश अभी भी जारी है।
एनआईए और फोरेंसिक जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर विस्फोट के वास्तविक कारण और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। घटनास्थल से बरामद जिंदा बमों ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
राजारहाट-न्यू टाउन से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक पीयूष कनोडिया शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, 'इस पूरे इलाके में लोगों के मन में डर का माहौल बनाया गया है। वर्षों तक यहां शासन करने वालों ने पूरे क्षेत्र को बर्बाद कर दिया। हम आतंकवाद नहीं, शिक्षा चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि युवाओं के हाथों में बंदूकें और मशीनगन हों। हम चाहते हैं कि उनके हाथों में किताबें और कलम हों।'
आगे क्या होगा
एनआईए की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, विस्फोटकों की आपूर्ति श्रृंखला और संभावित नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। एक अन्य फरार संदिग्ध की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है। यह मामला पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।