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एनआईए ने अमता बम धमाका मामले में दो मुख्य आरोपी असफार और एंताजुल को किया गिरफ्तार

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एनआईए ने अमता बम धमाका मामले में दो मुख्य आरोपी असफार और एंताजुल को किया गिरफ्तार

सारांश

एनआईए ने पश्चिम बंगाल के अमता में 2022 के बम धमाके के दो मुख्य सूत्रधारों — असफार और एंताजुल — को गिरफ्तार किया। चंद्रपुर बाजार के पास अवैध बम निर्माण के दौरान हुए इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और तीन घायल हुए थे। अप्रैल 2024 में जांच अपने हाथ लेने के बाद एनआईए की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

मुख्य बातें

एनआईए ने मंगलवार रात पश्चिम बंगाल के अमता इलाके में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों असफार और एंताजुल को गिरफ्तार किया।
23 फरवरी 2022 को चंद्रपुर बाजार के पास बम बनाने के दौरान हुए विस्फोट में एसके महरम की मौत हुई थी और जहधर मोल्ला, मोहब्बत मोल्ला व मोइनुर रहमान गंभीर रूप से घायल हुए थे।
जांच में सामने आया कि बमों का इस्तेमाल स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने के लिए किया जाना था।
अप्रैल 2024 में एनआईए ने स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में ली थी।
इस मामले में पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है; अब कुल गिरफ्तारियाँ छह हो गई हैं।
एनआईए के अनुसार जांच अभी जारी है और आगे कार्रवाई संभव है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार रात पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के अमता इलाके में तलाशी अभियान चलाकर 2022 के बम धमाका मामले के दो मुख्य आरोपियों — असफार और एंताजुल — को गिरफ्तार किया। 23 फरवरी 2022 को चंद्रपुर बाजार के पास हुए इस धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

गिरफ्तारी और तलाशी अभियान

एनआईए ने बुधवार, 24 जून को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि एजेंसी की टीम ने आरोपियों के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद असफार और एंताजुल को हिरासत में लिया गया। दोनों आरोपी हावड़ा (ग्रामीण) के अमता इलाके के निवासी हैं और जांच एजेंसी ने इन्हें इस मामले के मुख्य सूत्रधार के रूप में चिह्नित किया है।

मुख्य घटनाक्रम: 2022 का बम धमाका

23 फरवरी 2022 को अमता थाना क्षेत्र के चंद्रपुर बाजार के निकट देसी बम बनाने के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। एनआईए की जांच के अनुसार, असफार और एंताजुल के निर्देश पर ही इस स्थान पर अवैध रूप से बम तैयार किए जा रहे थे। विस्फोट इतना तीव्र था कि बम बनाने में शामिल एसके महरम की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घायलों में जहधर मोल्ला, मोहब्बत मोल्ला और मोइनुर रहमान शामिल थे, जो गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। जांच में सामने आया कि इन बमों का इस्तेमाल स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए किया जाना था।

एनआईए की जांच और पिछली कार्रवाई

यह मामला शुरुआत में स्थानीय पुलिस के पास था, लेकिन अप्रैल 2024 में एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली। इससे पहले इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। अब असफार और एंताजुल की गिरफ्तारी के साथ कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह हो गई है।

गौरतलब है कि एनआईए ने जांच में पाया कि दोनों आरोपी न केवल बम बनाने के काम को नियंत्रित कर रहे थे, बल्कि पूरे अभियान के संचालन में केंद्रीय भूमिका में थे।

आगे क्या होगा

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। यह मामला पश्चिम बंगाल में अवैध बम निर्माण के व्यापक नेटवर्क की जांच का हिस्सा बन गया है, जिसे एनआईए गहराई से खंगाल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह गिरफ्तारियाँ महज दो कड़ियों तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने अमता बम धमाका मामले में किसे गिरफ्तार किया?
एनआईए ने मंगलवार रात पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के अमता इलाके से असफार और एंताजुल को गिरफ्तार किया, जिन्हें 2022 के बम धमाके का मुख्य आरोपी बताया गया है। दोनों अमता इलाके के ही निवासी हैं।
अमता में 2022 का बम धमाका कब और कैसे हुआ था?
23 फरवरी 2022 को हावड़ा जिले के अमता थाना क्षेत्र में चंद्रपुर बाजार के पास अवैध रूप से देसी बम बनाने के दौरान गलती से विस्फोट हो गया था। इस धमाके में एसके महरम की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
एनआईए ने इस मामले की जांच कब शुरू की?
एनआईए ने अप्रैल 2024 में स्थानीय पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी।
इन बमों का इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था?
एनआईए की जांच में सामने आया कि असफार और एंताजुल के निर्देश पर बनाए जा रहे इन देसी बमों का इस्तेमाल स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए किया जाना था।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
असफार और एंताजुल की गिरफ्तारी से पहले इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अब कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह हो गई है। एनआईए के अनुसार जांच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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