22 जुलाई 2026
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भांगर बम विस्फोट: पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला 14 दिन की एनआईए हिरासत में, 19 जून को अगली पेशी

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भांगर बम विस्फोट: पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला 14 दिन की एनआईए हिरासत में, 19 जून को अगली पेशी

सारांश

पश्चिम बंगाल के भांगर बम विस्फोट मामले में पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला को 14 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा गया है। एनआईए का आरोप है कि वे बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे और विस्फोट के बाद अन्य आरोपियों को निर्देश दे रहे थे।

मुख्य बातें

कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत ने पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला को 14 दिनों की एनआईए हिरासत में भेजा।
अगली पेशी 19 जून 2026 को निर्धारित है।
गिरफ्तारी के समय मोल्ला के पास से एक मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद; अदालत ने फोरेंसिक जांच की अनुमति दी।
एनआईए के अनुसार, मोल्ला बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे; बारुईपुर से गिरफ्तार किए गए।
इस मामले में अब तक कुल 4 गिरफ्तारियाँ ; दो न्यायिक हिरासत में, एक एनआईए हिरासत में।
जमानत अर्जी खारिज; एनआईए ने सबूत नष्ट करने और गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम बताया।

कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत ने शनिवार, 7 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में विधानसभा चुनाव से पहले हुए बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक शौकत मोल्ला को 14 दिनों की एनआईए हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उन्हें अब 19 जून को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा।

गिरफ्तारी और बरामदगी

शुक्रवार रात गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शौकत मोल्ला के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव बरामद की। अदालत ने इन दोनों इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराने की एनआईए की याचिका भी स्वीकार कर ली।

एनआईए के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले शौकत मोल्ला दक्षिण 24 परगना के तटीय सीमा क्षेत्र से बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे। सीमा से सटे चुनाखाली इलाके में स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें पहचान लिया और पीछा किया, लेकिन वे वहाँ से निकलने में सफल रहे।

इसके बाद एजेंसी ने क्षेत्र में कड़ी निगरानी शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, जब शौकत मोल्ला कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एनआईए कार्यालय में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे, तभी बारुईपुर क्षेत्र के एक अज्ञात स्थान से एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

मामले में अब तक की गिरफ्तारियाँ

इस मामले में एनआईए अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से दो आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, एक आरोपी एनआईए की हिरासत में है, और अब शौकत मोल्ला को भी 14 दिनों की एजेंसी हिरासत में भेजा गया है। अदालत ने इन आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की अनुमति भी पहले ही दे दी है।

अदालत में बहस: जमानत अर्जी खारिज

विशेष एनआईए अदालत में पेशी के दौरान शौकत मोल्ला के वकील ने जमानत की माँग की। हालाँकि, एनआईए ने इसका कड़ा विरोध किया। एजेंसी ने दलील दी कि क्षेत्र में पूर्व विधायक होने के कारण शौकत मोल्ला एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत मिलने की स्थिति में वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं तथा गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।

बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि शौकत मोल्ला को पिछली राज्य सरकार की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, इसलिए उनका इस बम विस्फोट में शामिल होना संभव नहीं है।

इसके जवाब में एनआईए ने अदालत को बताया कि विस्फोट के बाद शौकत मोल्ला लगातार अन्य आरोपियों के संपर्क में थे और उन्हें निर्देश दे रहे थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एनआईए की माँग स्वीकार करते हुए हिरासत का आदेश दिया।

आगे क्या होगा

शौकत मोल्ला को 19 जून 2026 को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा। एनआईए बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। गौरतलब है कि भांगर क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा और बम विस्फोट की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं, और यह मामला पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की जांच के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की जड़ों तक पहुँचने की एनआईए की कोशिश का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक हिंसा और बम संस्कृति पर केंद्र-राज्य तनाव चरम पर है। बांग्लादेश भागने की कथित कोशिश — अगर सिद्ध होती है — तो यह मामला सीमापार नेटवर्क की जांच की दिशा में भी मुड़ सकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है, वह यह है कि जेड-श्रेणी सुरक्षा का बचाव के रूप में उठाया गया तर्क उलटा भी पड़ सकता है — क्योंकि यह सवाल उठाता है कि राज्य सरकार ने किसे और क्यों इतनी सुरक्षा दी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शौकत मोल्ला को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
शौकत मोल्ला को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में विधानसभा चुनाव से पहले हुए बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया है। वे इस क्षेत्र के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक हैं।
एनआईए ने शौकत मोल्ला को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया?
एनआईए के अनुसार, शौकत मोल्ला दक्षिण 24 परगना के तटीय सीमा क्षेत्र से बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे। बाद में बारुईपुर क्षेत्र के एक अज्ञात स्थान से उन्हें उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे न्यू टाउन स्थित एनआईए कार्यालय में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे।
अदालत ने जमानत क्यों नहीं दी?
एनआईए ने तर्क दिया कि शौकत मोल्ला क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत मिलने पर सबूतों से छेड़छाड़ तथा गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम है। अदालत ने एनआईए की दलीलें स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हैं?
भांगर बम विस्फोट मामले में एनआईए अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें दो आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, एक एनआईए हिरासत में है, और शौकत मोल्ला को 14 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा गया है।
शौकत मोल्ला को अगली बार अदालत में कब पेश किया जाएगा?
शौकत मोल्ला को 19 जून 2026 को कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत में पुनः पेश किया जाएगा। तब तक एनआईए बरामद मोबाइल फोन और पेन ड्राइव की फोरेंसिक जांच पूरी करने की कोशिश करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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