भांगर विस्फोट: NIA की गिरफ्त में TMC नेता शौकत मोल्ला, BJP बोली — कर्मों का फल मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 6 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर विस्फोट मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और कैनिंग पूर्व क्षेत्र के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति तेज़ी से गरमा गई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने एजेंसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
BJP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
BJP नेता सुब्रत ठाकुर ने NIA की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है या अवैध गतिविधियों में संलिप्तता रही है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। ठाकुर ने यह भी कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए।
BJP नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक प्रभाव के बल पर कानून को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'जो भी गलत काम करेगा, उसे कानून का सामना करना ही पड़ेगा। जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और यदि किसी के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है।'
भांगर हिंसा और शौकत मोल्ला का संदर्भ
BJP नेता अरुण हलदर ने शौकत मोल्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल के कई विवादित मामलों में उनका नाम सामने आता रहा है। उन्होंने मांग की कि भांगर क्षेत्र में हुई हिंसक घटनाओं और विभिन्न आपराधिक मामलों की निष्पक्ष जांच हो। हलदर ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचेंगी और यदि किसी बड़े नेटवर्क या साजिश के प्रमाण मिलते हैं, तो उन्हें भी उजागर किया जाए।
BJP नेता अशोक कीर्तनिया ने कहा कि गलत कार्यों का परिणाम अंततः भुगतना ही पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय तक आम लोगों को परेशान किया गया और अब कानून अपना काम कर रहा है। कीर्तनिया ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक पद या प्रभाव के आधार पर कानून से छूट नहीं मिलनी चाहिए।
जांच एजेंसी को स्वतंत्र काम करने देने की मांग
BJP प्रवक्ता कौस्तव बागची ने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता के साथ अपना काम करने दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आगे की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। बागची ने कहा, 'किसी भी मामले में सच्चाई सामने आना ज़रूरी है और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता को लेकर TMC और BJP के बीच टकराव पहले से तेज़ है। गौरतलब है कि भांगर विस्फोट मामला राज्य में राजनीतिक हिंसा और विस्फोटकों की तस्करी से जुड़े व्यापक आरोपों के संदर्भ में देखा जा रहा है। NIA की आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारियों पर सभी की नज़र बनी रहेगी।