भांगर बम विस्फोट: एनआईए ने पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला को बारुईपुर से गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हुए भांगर बम विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार, 6 जून 2025 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बारुईपुर इलाके के एक गुप्त स्थान से हिरासत में लिया गया, जब वह कथित तौर पर न्यू टाउन स्थित एनआईए कार्यालय में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे।
बांग्लादेश भागने की कोशिश और नाकेबंदी
शौकत मोल्ला ने गुरुवार को दक्षिण 24 परगना के तटीय मार्ग से पड़ोसी देश बांग्लादेश भागने का प्रयास किया था। चुनाखाली सीमावर्ती इलाके में स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें पहचान लिया और पीछा किया, लेकिन वह उस समय फरार होने में सफल रहे।
इसके बाद राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने दक्षिण 24 परगना के तमाम तटीय सीमा मार्गों पर कड़ी नाकेबंदी कर दी। एनआईए की टीमें भी संबंधित इलाकों पर लगातार नज़र बनाए हुए थीं, जिसके चलते अंततः शुक्रवार को उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
मामले में अब तक की गिरफ्तारियाँ
शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी से पहले एनआईए ने इसी मामले में साइनुर मोल्ला को भी गिरफ्तार किया था। जाँच एजेंसी के अनुसार, साइनुर मोल्ला उस स्कॉर्पियो वाहन का चालक था जिसमें विस्फोट में मारे गए और घायल हुए लोगों को ले जाया गया था। साइनुर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या तीन हो चुकी है।
शुक्रवार को दिन में शौकत मोल्ला के कुछ करीबी सहयोगियों को कोलकाता की एक निचली अदालत में भी पेश किया गया।
जाँच में क्या सामने आया
एनआईए की जाँच में यह तथ्य उभरा है कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व आरोपित और उनके सहयोगी कथित तौर पर देसी बम बनाने में संलिप्त थे। इसी दौरान वह विस्फोट हुआ जिसने इस पूरे मामले को जन्म दिया।
तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव-पूर्व और चुनाव-पश्चात हिंसा की घटनाएँ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
शौकत मोल्ला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक हैं और भांगर क्षेत्र में उनका राजनीतिक प्रभाव रहा है। गौरतलब है कि भांगर पहले भी राजनीतिक हिंसा और विवादों के लिए चर्चा में रहा है। एनआईए का इस मामले में सीधे उतरना इस बात का संकेत है कि केंद्रीय एजेंसियाँ राज्य में विस्फोटक-संबंधी मामलों को गंभीरता से ले रही हैं।
आगे क्या होगा
एनआईए सूत्रों के अनुसार, बरामद डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जाँच जारी है। आरोपितों को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा और जाँच के दायरे में और नाम आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले की आगे की सुनवाई पर पूरे राज्य की नज़र टिकी है।