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फरार TMC नेता जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार, STF ने दबोचा

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फरार TMC नेता जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार, STF ने दबोचा

सारांश

चुनाव परिणाम के बाद से फरार TMC नेता जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल STF ने नेपाल सीमा पर पकड़ा। 26 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा सुरक्षा वापस लेने के बाद गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था। फाल्टा में BJP 1.09 लाख वोटों से जीती थी।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल STF ने TMC नेता जहांगीर खान को 8 जून को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया।
जहांगीर फाल्टा विधानसभा (दक्षिण 24 परगना) से TMC के उम्मीदवार थे और चुनाव से 48 घंटे पहले नाम वापस ले चुके थे।
24 मई के नतीजों में BJP ने फाल्टा 1.09 लाख से अधिक वोटों से जीती; जहांगीर को केवल 7,783 वोट मिले।
26 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी सभी कानूनी सुरक्षा वापस ले ली, जिसके बाद गिरफ्तारी संभव हुई।
जहांगीर को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है; उनके खिलाफ 2019 से एक पुराना मामला दर्ज है।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार, 8 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले जहांगीर, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से फरार थे। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर STF ने उन्हें उस समय पकड़ा जब वे नेपाल बॉर्डर के रास्ते राज्य से बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को दोबारा मतदान हुआ था। जहांगीर खान ने चुनाव से 48 घंटे पहले अपना नामांकन वापस ले लिया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था, 'मेरा सपना एक 'सुनहरे फाल्टा' का था। हमारे मुख्यमंत्री (सुवेंदु अधिकारी) फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं। इसी वजह से मैंने 21 मई को हुए दोबारा चुनाव के मुकाबले से खुद को अलग कर लिया था।' हालांकि नाम वापसी के बावजूद ईवीएम पर TMC के चुनाव चिह्न के बगल में उनका नाम दर्ज था।

चुनाव नतीजे और फरारी

24 मई को घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने फाल्टा सीट 1.09 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीती। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) 40,000 से अधिक वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि जहांगीर केवल 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। नतीजे आने के बाद से वे न घर पर मिले, न पार्टी कार्यालय में — वस्तुतः गायब हो गए।

कानूनी सुरक्षा और हाई कोर्ट का आदेश

जहांगीर खान के खिलाफ 2019 में एक मामला दर्ज था, जिसमें उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली हुई थी। TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर को दोबारा चुनाव से पहले एक अतिरिक्त सुरक्षा आदेश भी मिला था। लेकिन 26 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें दी गई सभी सुरक्षा वापस ले ली, जिसके बाद पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया।

फाल्टा विवाद और 'पुष्पा' वाला बयान

गौरतलब है कि 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में फाल्टा के कई बूथों पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे। चुनाव आयोग को ईवीएम पर परफ्यूम, स्याही और टेप के इस्तेमाल की शिकायतें मिली थीं। तत्कालीन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की माँग पर आयोग ने दोबारा मतदान कराया। उपचुनाव से पहले केंद्रीय बलों और पुलिस ने जहांगीर के घर पर छापा मारा था, जिसका नेतृत्व प्रयागराज के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और पश्चिम बंगाल में पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा ने किया था। इस पर जहांगीर ने फिल्म 'पुष्पा: द राइज़' के संवाद का हवाला देते हुए कहा था कि यदि वह अधिकारी 'शेर' हैं तो वे 'पुष्पा' हैं और चुनाव आयोग के कथित पक्षपाती व्यवहार के आगे नहीं झुकेंगे। इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार जहांगीर खान को कोलकाता लाया जा रहा है, जहाँ उनसे पूछताछ की जाएगी। 4 मई को घोषित बाकी 293 सीटों के नतीजों में BJP पहली बार भारी बहुमत से पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई है। इस पृष्ठभूमि में जहांगीर की गिरफ्तारी को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कानूनी प्रक्रिया की तरह आगे बढ़ाती है या नहीं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जहांगीर खान कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
जहांगीर खान पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता हैं। उनके खिलाफ 2019 से एक पुराना मामला दर्ज था और 26 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा उनकी सुरक्षा वापस लेने के बाद पुलिस ने उन्हें नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया।
जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर पर कैसे पकड़ा गया?
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को गुप्त सूचना मिली कि जहांगीर नेपाल सीमा के रास्ते राज्य से फरार होने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर STF अधिकारी मौके पर पहुँचे और उन्हें 8 जून को गिरफ्तार कर लिया।
फाल्टा विधानसभा में दोबारा चुनाव क्यों हुआ था?
29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के दौरान फाल्टा के कई बूथों पर ईवीएम के साथ परफ्यूम, स्याही और टेप के इस्तेमाल की शिकायतें चुनाव आयोग को मिली थीं। तत्कालीन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की माँग पर आयोग ने 21 मई को दोबारा मतदान कराने का फैसला किया।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर की सुरक्षा कब और क्यों वापस ली?
26 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जहांगीर खान को दी गई सभी कानूनी सुरक्षा वापस ले ली। इससे पहले उन्हें 2019 के मामले में और दोबारा चुनाव से पहले भी अदालत से सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन अदालत ने इसे समाप्त कर दिया।
फाल्टा उपचुनाव में किसकी जीत हुई और जहांगीर को कितने वोट मिले?
24 मई को घोषित नतीजों में BJP ने फाल्टा सीट 1.09 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती। CPI(M) 40,000 से अधिक वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि जहांगीर खान केवल 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे।
राष्ट्र प्रेस
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