फाल्टा पुनर्मतदान: पहले दो घंटों में 20.47% वोटिंग, TMC एजेंट और उम्मीदवार सभी बूथों से नदारद
सारांश
मुख्य बातें
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई 2026 को हुए पुनर्मतदान के पहले दो घंटों — सुबह 7 बजे से 9 बजे तक — में 20.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय आँकड़ा है। दक्षिण 24 परगना जिले के सभी 285 पोलिंग बूथ से शांतिपूर्ण मतदान की खबरें आईं — हिंसा, तनाव या चुनावी धांधली की एक भी रिपोर्ट सामने नहीं आई।
TMC की अनुपस्थिति: उम्मीदवार से लेकर एजेंट तक
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने पिछले सप्ताह चुनाव से हटने की घोषणा की थी, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के पोलिंग एजेंट सभी 285 बूथों से अनुपस्थित रहे। निर्वाचन क्षेत्र में कहीं भी पार्टी का कोई अस्थायी कैंप कार्यालय नज़र नहीं आया।
खान के मुख्य पार्टी कार्यालय के शटर बंद थे और उन पर ताले लगे थे। फाल्टा के श्रीरामपुर इलाके में स्थित उनके आवास पर भी वे मौजूद नहीं थे। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में कभी खान का राजनीतिक दबदबा अप्रतिम माना जाता था।
हालाँकि, चुनाव से हटने की घोषणा के बावजूद, जहांगीर खान का नाम ईवीएम की मतपत्र पर्ची पर दिखाई देता रहा — जिससे उनकी वापसी की घोषणा महज प्रतीकात्मक बनकर रह गई।
विपक्षी दलों की पूर्ण उपस्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के पोलिंग एजेंट सभी 285 बूथों पर उपस्थित रहे। इन पार्टियों के अस्थायी कैंप कार्यालय भी फाल्टा के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय देखे गए, जिनमें भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा निर्धारित संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
मतदाताओं का उत्साह: 2011 के बाद पहली बार निडर वोटिंग
सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही बूथों के सामने लंबी कतारें लग गईं। कड़ी गर्मी भी मतदाताओं का उत्साह नहीं तोड़ पाई।
कई मतदाताओं ने दावा किया कि वे 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से किसी भी चुनाव में स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर पाए थे — वही चुनाव जिसने 34 वर्षों के वाम मोर्चा शासन का अंत किया और TMC के 15 वर्षीय शासन की नींव रखी।
कतार में खड़े एक मतदाता ने मीडियाकर्मियों से कहा, 'मेरा पूरा परिवार पारंपरिक रूप से तृणमूल कांग्रेस का समर्थक रहा है। लेकिन इसके बावजूद, 2011 के बाद हुए किसी भी चुनाव में हमें वोट डालने की अनुमति नहीं मिली। जहांगीर अपने भरोसेमंद समर्थकों के अलावा किसी पर भी भरोसा नहीं करता था। हम 29 अप्रैल को भी वोट नहीं डाल पाए थे। लेकिन इस बार हम बिना किसी डर के वोट डाल रहे हैं, जिसका श्रेय ECI द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था को जाता है।'
सुरक्षा व्यवस्था: 35 CAPF कंपनियाँ तैनात
पुनर्मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 35 कंपनियाँ तैनात की गईं — किसी एक विधानसभा क्षेत्र के लिए यह असाधारण रूप से बड़ी तैनाती मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब 29 अप्रैल के मूल मतदान में कथित अनियमितताओं के चलते ECI ने पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
आगे की मतगणना और परिणाम आने पर यह स्पष्ट होगा कि TMC की अनुपस्थिति और मतदाताओं के नए उत्साह का फाल्टा की राजनीतिक दिशा पर क्या असर पड़ता है।