फाल्टा पुनर्मतदान से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने कलकत्ता हाई कोर्ट से माँगी अग्रिम जमानत
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने 18 मई 2025 को कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, और खान को आशंका है कि उस तारीख से पहले उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
अदालत में अर्जी और सुनवाई
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने अर्जी स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई सोमवार दोपहर 2 बजे के बाद दूसरे सत्र में निर्धारित की गई है।
अपनी अर्जी में खान ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके विरुद्ध मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की हैं। उन्होंने अदालत से यह भी निर्देश देने की गुज़ारिश की है कि राज्य सरकार उन्हें बताए कि उनके खिलाफ कुल कितनी एफआईआर दर्ज हैं और उनमें क्या-क्या आरोप हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जहांगीर खान को TMC के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता है। शनिवार को फाल्टा में एक बैठक के दौरान विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने खान पर तंज कसते हुए कहा कि पुनर्मतदान समाप्त होने के बाद उनसे 'निपट लिया जाएगा'।
पुनर्मतदान क्यों हो रहा है
फाल्टा विधानसभा सीट पर मूल मतदान 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में हुआ था। उस दिन कई बूथों पर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं — कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्नों के बगल वाले ईवीएम बटनों पर सफेद टेप लगाया गया था।
विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता, जो वर्तमान में सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार हैं, ने स्वयं फाल्टा का दौरा कर मामले की गहन जाँच की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया।
आगे क्या होगा
पुनर्मतदान 21 मई को होगा और परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट की सुनवाई का निर्णय तय करेगा कि खान मतदान से पहले स्वतंत्र रह सकते हैं या नहीं। यह मामला पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।