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हिंगलगंज में TMC पंचायत सदस्य के घर से बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार, 2007 से था छिपा

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हिंगलगंज में TMC पंचायत सदस्य के घर से बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार, 2007 से था छिपा

सारांश

पश्चिम बंगाल के हिंगलगंज में 2007 से छिपा बांग्लादेशी नागरिक शाहिदुल गाजी ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ा गया। आरोप है कि TMC पंचायत सदस्य जयनाल आबेदीन ने न सिर्फ शरण दी, बल्कि फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड भी बनवाया। आबेदीन अब फरार हैं।

मुख्य बातें

शाहिदुल गाजी नामक बांग्लादेशी नागरिक को हिंगलगंज , उत्तर 24 परगना से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी कथित तौर पर 2007 से अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
TMC पंचायत सदस्य जयनाल आबेदीन पर शरण देने और फर्जी वोटर आईडी व आधार कार्ड बनवाने का आरोप।
जयनाल आबेदीन और उनके परिवार के सदस्य मामला सामने आने के बाद से फरार हैं।
बसीरहाट पुलिस ने शाहिदुल को अदालत में पेश किया; आबेदीन की तलाश में छापेमारी जारी।
स्थानीय लोगों का आरोप — हिंगलगंज थाने को पहले कई बार सूचना दी गई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर वर्ष 2007 से अवैध रूप से भारत में रह रहा था और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक पंचायत सदस्य के घर में शरण लिए हुए था। शुक्रवार रात ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जिसके बाद 16 मई को अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की।

कौन है आरोपी और कहाँ से आया

स्थानीय लोगों के अनुसार, गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान शाहिदुल गाजी के रूप में हुई है। कथित तौर पर उसने पत्रकारों को बताया, 'मैं 2007 में सीमा पार करके यहाँ आया था।' औपचारिक गिरफ्तारी से पूर्व दिए गए इस बयान में उसने स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था।

शाहिदुल ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह शुरुआत में हिंगलगंज के सैंडल बिल इलाके में एक मछली बाजार में काम करता था और बाद में उसी क्षेत्र में दूसरे स्थान पर रहने लगा। उसने हिंगलगंज में विवाह भी किया और उसकी पत्नी व बच्चे वहीं रहते हैं।

TMC पंचायत सदस्य पर गंभीर आरोप

शाहिदुल ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य जयनाल आबेदीन ने न केवल उसे शरण दी, बल्कि उसकी तस्वीर लेकर उसका वोटर आईडी कार्ड भी बनवाया। उसके अनुसार, उसके पिता का वोटर कार्ड भी जयनाल आबेदीन के परिचित गोलाम गाजी के माध्यम से बनवाया गया। इसके अलावा उसका आधार कार्ड भी बाद में बन गया।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेशी घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज़ों का मुद्दा पश्चिम बंगाल में लगातार राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी स्थानीय नेता पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा हो।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपी नेता फरार

बसीरहाट पुलिस जिला अधीक्षक अलकनंदा भवाल ने कहा, 'कल रात कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। घुसपैठिए को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया गया है।' मामला सामने आने के बाद जयनाल आबेदीन और उनके परिवार के सदस्य इलाके से फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार हिंगलगंज थाने को अवैध घुसपैठ की सूचना दी थी, लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः ग्रामीणों ने खुद शाहिदुल को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

हिंगलगंज से तृणमूल कांग्रेस के पराजित उम्मीदवार आनंद सरकार ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा, 'पहले मामले की जाँच जरूरी है। बिना जाँच के मैं कुछ नहीं कह सकता। तथ्यों की पड़ताल के बाद ही टिप्पणी करूँगा।'

वहीं, स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता पलाश सरकार ने आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों पर अब कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, 'राज्य में अब भाजपा सरकार है। जो तृणमूल नेता अब भी घुसपैठियों को शरण दे रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए। पुलिस अब निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है। घुसपैठ को बढ़ावा देने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।'

आगे क्या होगा

शाहिदुल गाजी को अदालत में पेश किया जा चुका है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जयनाल आबेदीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। शाहिदुल ने कथित तौर पर कहा कि सीमा पर प्रतिबंधों के कारण वह वापस नहीं जा सका और स्थिति सामान्य होने पर अपने परिवार को लेकर बांग्लादेश लौटने का इरादा रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फर्जी दस्तावेज़ और सीमा-पार घुसपैठ आपस में गुँथे हुए हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय लोगों ने पुलिस को पहले भी सूचित किया था, लेकिन कार्रवाई तब हुई जब ग्रामीणों ने खुद हस्तक्षेप किया — यह प्रशासनिक निष्क्रियता का स्पष्ट संकेत है। वोटर आईडी और आधार जैसे बुनियादी नागरिक दस्तावेज़ों की इस कथित दुरुपयोग की जाँच केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह देखना होगा कि यह नेटवर्क कितना गहरा है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंगलगंज में गिरफ्तार बांग्लादेशी घुसपैठिया कौन है?
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शाहिदुल गाजी के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर 2007 में भारत-बांग्लादेश सीमा अवैध रूप से पार कर पश्चिम बंगाल के हिंगलगंज में रह रहा था। उसे शुक्रवार रात ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
TMC पंचायत सदस्य जयनाल आबेदीन पर क्या आरोप हैं?
शाहिदुल गाजी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि जयनाल आबेदीन ने उसे शरण दी और उसका वोटर आईडी कार्ड बनवाया। उसके पिता का वोटर कार्ड भी आबेदीन के परिचित गोलाम गाजी के जरिए बनवाया गया और बाद में आधार कार्ड भी बना। मामला सामने आने के बाद आबेदीन और उनका परिवार फरार है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
बसीरहाट पुलिस जिला अधीक्षक अलकनंदा भवाल के अनुसार शुक्रवार रात कानूनी कार्रवाई शुरू की गई और शाहिदुल को अदालत में पेश किया गया। जयनाल आबेदीन की तलाश में पुलिस छापेमारी जारी है।
स्थानीय लोगों ने पहले शिकायत क्यों नहीं की?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने हिंगलगंज थाने को अवैध घुसपैठ की सूचना कई बार दी थी, लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः ग्रामीणों ने स्वयं शाहिदुल को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
इस मामले पर BJP और TMC की क्या प्रतिक्रिया रही?
BJP नेता पलाश सरकार ने कहा कि घुसपैठियों को शरण देने वाले TMC नेताओं पर अब कार्रवाई होगी और पुलिस निष्पक्ष रूप से काम कर रही है। वहीं TMC के पराजित उम्मीदवार आनंद सरकार ने कहा कि पहले जाँच होनी चाहिए, उसके बाद ही वे कोई टिप्पणी करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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