हिंगलगंज में TMC पंचायत सदस्य के घर से बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार, 2007 से था छिपा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर वर्ष 2007 से अवैध रूप से भारत में रह रहा था और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक पंचायत सदस्य के घर में शरण लिए हुए था। शुक्रवार रात ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जिसके बाद 16 मई को अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की।
कौन है आरोपी और कहाँ से आया
स्थानीय लोगों के अनुसार, गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान शाहिदुल गाजी के रूप में हुई है। कथित तौर पर उसने पत्रकारों को बताया, 'मैं 2007 में सीमा पार करके यहाँ आया था।' औपचारिक गिरफ्तारी से पूर्व दिए गए इस बयान में उसने स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था।
शाहिदुल ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह शुरुआत में हिंगलगंज के सैंडल बिल इलाके में एक मछली बाजार में काम करता था और बाद में उसी क्षेत्र में दूसरे स्थान पर रहने लगा। उसने हिंगलगंज में विवाह भी किया और उसकी पत्नी व बच्चे वहीं रहते हैं।
TMC पंचायत सदस्य पर गंभीर आरोप
शाहिदुल ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य जयनाल आबेदीन ने न केवल उसे शरण दी, बल्कि उसकी तस्वीर लेकर उसका वोटर आईडी कार्ड भी बनवाया। उसके अनुसार, उसके पिता का वोटर कार्ड भी जयनाल आबेदीन के परिचित गोलाम गाजी के माध्यम से बनवाया गया। इसके अलावा उसका आधार कार्ड भी बाद में बन गया।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेशी घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज़ों का मुद्दा पश्चिम बंगाल में लगातार राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी स्थानीय नेता पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा हो।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी नेता फरार
बसीरहाट पुलिस जिला अधीक्षक अलकनंदा भवाल ने कहा, 'कल रात कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। घुसपैठिए को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया गया है।' मामला सामने आने के बाद जयनाल आबेदीन और उनके परिवार के सदस्य इलाके से फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार हिंगलगंज थाने को अवैध घुसपैठ की सूचना दी थी, लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः ग्रामीणों ने खुद शाहिदुल को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
हिंगलगंज से तृणमूल कांग्रेस के पराजित उम्मीदवार आनंद सरकार ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा, 'पहले मामले की जाँच जरूरी है। बिना जाँच के मैं कुछ नहीं कह सकता। तथ्यों की पड़ताल के बाद ही टिप्पणी करूँगा।'
वहीं, स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता पलाश सरकार ने आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों पर अब कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, 'राज्य में अब भाजपा सरकार है। जो तृणमूल नेता अब भी घुसपैठियों को शरण दे रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए। पुलिस अब निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है। घुसपैठ को बढ़ावा देने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।'
आगे क्या होगा
शाहिदुल गाजी को अदालत में पेश किया जा चुका है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जयनाल आबेदीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। शाहिदुल ने कथित तौर पर कहा कि सीमा पर प्रतिबंधों के कारण वह वापस नहीं जा सका और स्थिति सामान्य होने पर अपने परिवार को लेकर बांग्लादेश लौटने का इरादा रखता है।