हुगली में टीएमसी पार्षद राजेश शाह गिरफ्तार: ASI की नाक तोड़ने का आरोप, श्रीरामपुर में 3 हिरासत में

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हुगली में टीएमसी पार्षद राजेश शाह गिरफ्तार: ASI की नाक तोड़ने का आरोप, श्रीरामपुर में 3 हिरासत में

सारांश

हुगली के श्रीरामपुर में TMC पार्षद राजेश शाह उर्फ 'कुकुआ' ने कथित तौर पर एक ASI की नाक तोड़ दी — आंगनवाड़ी केंद्र विवाद के बीच। गिरफ्तारी के बाद शाह ने इसे BJP-माकपा की साजिश और राजनीतिक प्रतिशोध बताया। यह घटना 4 मई के चुनाव परिणामों के बाद राज्यभर में फैली हिंसा की श्रृंखला का हिस्सा है।

मुख्य बातें

TMC पार्षद राजेश शाह उर्फ 'कुकुआ' को 7 मई को श्रीरामपुर , हुगली में गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि शाह ने ASI को मुक्का मारकर उनकी नाक तोड़ दी; घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में उपचाराधीन।
पुलिस ने पार्षद सहित 3 लोगों को गिरफ्तार कर श्रीरामपुर अदालत में पेश किया।
विवाद वार्ड नंबर 10 के टिन बाजार स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के ताले को लेकर शुरू हुआ।
शाह ने आरोप नकारते हुए इसे BJP और माकपा की साजिश और राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
4 मई के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं।

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में 7 मई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद राजेश शाह उर्फ 'कुकुआ' को एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पर मुक्का मारकर उसकी नाक तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में पार्षद सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर श्रीरामपुर अदालत में पेश किया, जहाँ उनकी न्यायिक हिरासत की माँग की गई।

घटनाक्रम: आंगनवाड़ी विवाद से मारपीट तक

पुलिस के अनुसार, बुधवार को श्रीरामपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 स्थित टिन बाजार इलाके में एक आंगनवाड़ी केंद्र पर ताला लगा होने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। केंद्र का ताला खुलवाने के लिए पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुँचे थे। इसी दौरान TMC पार्षद राजेश शाह वहाँ पहुँचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे।

अधिकारियों के अनुसार, बहस के दौरान पार्षद ने ASI को मुक्का मार दिया, जिससे उनकी नाक से खून बहने लगा। घायल पुलिसकर्मी का स्थानीय अस्पताल में उपचार जारी है। इसके तत्काल बाद पुलिस ने राजेश शाह और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया।

पार्षद का पक्ष: राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

अदालत ले जाते समय राजेश शाह ने अपने विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र राज्य सरकार की 'पड़ाय समाधान' योजना के तहत स्थापित किया गया था। शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और माकपा के कार्यकर्ता उस केंद्र पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण झड़प हुई।

उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि चुनावी राजनीति ज़मीनी स्तर पर किस हद तक हिंसक हो सकती है। पार्षद का 'राजनीतिक प्रतिशोध' का दावा और पुलिस का सख्त रुख — दोनों एक ऐसे माहौल की ओर इशारा करते हैं जहाँ कानून-व्यवस्था और दलीय निष्ठा के बीच की रेखा धुंधली पड़ती जा रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा कोई नई बात नहीं, लेकिन जब सत्तारूढ़ दल का जनप्रतिनिधि खुद एक पुलिसकर्मी पर हमले के आरोप में कटघरे में हो, तो यह शासन और जवाबदेही के लिए गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुगली में TMC पार्षद राजेश शाह को क्यों गिरफ्तार किया गया?
राजेश शाह उर्फ 'कुकुआ' पर आरोप है कि उन्होंने श्रीरामपुर के टिन बाजार इलाके में एक ASI को मुक्का मारकर उनकी नाक तोड़ दी। यह घटना एक आंगनवाड़ी केंद्र का ताला खुलवाने गई पुलिस टीम के साथ बहस के दौरान हुई।
श्रीरामपुर आंगनवाड़ी विवाद क्या था?
श्रीरामपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 स्थित टिन बाजार में एक आंगनवाड़ी केंद्र पर ताला लगा था। पुलिस और केंद्रीय बल उसे खुलवाने पहुँचे थे, जिसका TMC पार्षद राजेश शाह ने विरोध किया और कथित तौर पर झड़प हो गई।
पार्षद राजेश शाह ने अपनी गिरफ्तारी पर क्या कहा?
शाह ने पुलिसकर्मी पर हमले के आरोप से साफ इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि BJP और माकपा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी केंद्र पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे और उनकी गिरफ्तारी चुनाव में TMC की जीत के बाद राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की स्थिति क्या है?
4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं। TMC और BJP दोनों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है; पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और मारपीट की खबरें आई हैं।
इस मामले में पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस ने तीनों आरोपियों को श्रीरामपुर अदालत में पेश किया है और न्यायिक हिरासत की माँग की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव बाद हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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