करीमनगर में BRS विधायक के कार्यालय पर BJP कार्यकर्ताओं का हमला, पाडी कौशिक रेड्डी की कार में तोड़फोड़

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करीमनगर में BRS विधायक के कार्यालय पर BJP कार्यकर्ताओं का हमला, पाडी कौशिक रेड्डी की कार में तोड़फोड़

सारांश

करीमनगर में BJP कार्यकर्ताओं ने BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी की कार पर लाठियों से हमला किया और गंगुला कमलाकर के कार्यालय में तोड़फोड़ की — यह सब केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार पर लगाए गए नशीली दवाओं के आरोपों के बाद भड़का। BRS और BJP के बीच यह टकराव तेलंगाना की राजनीति में बढ़ते तनाव का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

7 मई 2026 को करीमनगर में BJP कार्यकर्ताओं ने BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी पर हमले का प्रयास किया।
कार्यकर्ताओं ने लाठियों से विधायक की कार के शीशे तोड़े और गंगुला कमलाकर के कार्यालय में फर्नीचर तहस-नहस किया।
विवाद की शुरुआत कौशिक रेड्डी द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार पर लगाए गए नशीली दवाओं के सेवन के आरोपों से हुई।
BRS कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया।
पुलिस ने दोनों गुटों को तितर-बितर कर कुछ BRS कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

तेलंगाना के करीमनगर में 7 मई 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर भारत राष्ट्र समिति (BRS) विधायक पाडी कौशिक रेड्डी पर हमले का प्रयास किया। यह घटना उस समय हुई जब कौशिक रेड्डी, BRS विधायक गंगुला कमलाकर के कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित कर रहे थे। हमले के बाद करीमनगर के आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल फैल गया।

विवाद की जड़

विवाद तब शुरू हुआ जब BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। कौशिक रेड्डी ने कथित तौर पर कहा कि बंदी संजय तंबाकू के साथ नशीली दवाओं का सेवन करते हैं और इसी बुरी आदत के कारण उनके बाल झड़ गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ड्रग टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं और उन्होंने बंदी संजय को भी यह टेस्ट कराने की चुनौती दी।

हमले का घटनाक्रम

कौशिक रेड्डी के इस बयान से नाराज बंदी संजय के समर्थक तत्काल गंगुला कमलाकर के कार्यालय पहुँचे और कौशिक रेड्डी पर हमला करने की कोशिश की। BJP कार्यकर्ताओं ने लाठियों से विधायक की कार पर हमला किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। इसके अलावा, कार्यालय के फर्नीचर में भी तोड़फोड़ की गई। जवाबी कार्रवाई में BRS कार्यकर्ताओं ने उसी इलाके में खड़ी बंदी संजय की कार को भी नुकसान पहुँचाया।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही करीमनगर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हस्तक्षेप किया और दोनों गुटों को तितर-बितर किया। पुलिस ने कुछ BRS कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। हालाँकि, BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने आरोप लगाया कि पुलिस घटना के दौरान मूकदर्शक बनी रही।

केटीआर की तीखी प्रतिक्रिया

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तेज़ी से हिंसक टकराव में बदल रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि एक निर्वाचित विधायक के कार्यालय पर दिनदहाड़े हमला हुआ और पुलिस पर मूकदर्शक रहने के आरोप लग रहे हैं — यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए गंभीर प्रश्न खड़े करता है। BRS कार्यकर्ताओं द्वारा जवाबी कार्रवाई में बंदी संजय की कार को नुकसान पहुँचाना यह दर्शाता है कि यह टकराव दोतरफा है। बिना जवाबदेही के ऐसी राजनीतिक हिंसा तेलंगाना की सार्वजनिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करीमनगर में BRS कार्यालय पर हमला क्यों हुआ?
BJP कार्यकर्ताओं ने BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार पर नशीली दवाओं के सेवन के आरोप लगाने के बाद गंगुला कमलाकर के कार्यालय पर हमला किया। इस बयान से नाराज बंदी संजय के समर्थकों ने कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और विधायक की कार के शीशे तोड़ दिए।
पाडी कौशिक रेड्डी ने बंदी संजय के खिलाफ क्या आरोप लगाए?
BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार तंबाकू के साथ नशीली दवाओं का सेवन करते हैं और इसी कारण उनके बाल झड़ गए हैं। उन्होंने बंदी संजय को ड्रग टेस्ट कराने की चुनौती भी दी।
केटीआर ने करीमनगर हमले पर क्या कहा?
BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए फेसबुक पर लिखा कि दिनदहाड़े जंगली कुत्तों के झुंड की तरह कैंप कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करना घृणित कृत्य है। उन्होंने पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का भी आरोप लगाया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
करीमनगर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर BJP और BRS दोनों गुटों को तितर-बितर किया। पुलिस ने कुछ BRS कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, हालाँकि हमले में शामिल BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
इस घटना का तेलंगाना की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह घटना तेलंगाना में BJP और BRS के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकती है। एक निर्वाचित विधायक के कार्यालय पर हमले और पुलिस की निष्क्रियता के आरोपों से राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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