क्या पश्चिम बंगाल के भांगर में टीएमसी नेता की गोली मारकर हत्या हुई?

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क्या पश्चिम बंगाल के भांगर में टीएमसी नेता की गोली मारकर हत्या हुई?

सारांश

पश्चिम बंगाल के भांगर में तृणमूल कांग्रेस के नेता रज्जाक खान की हत्या ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। इस घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए इस हत्या के पीछे की कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।

मुख्य बातें

रज्जाक खान की हत्या ने राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।
इस घटना के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हाथ हो सकता है।
स्थानीय पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

कोलकाता, 11 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

घटना गुरुवार देर रात की है। मृतक नेता की पहचान रज्जाक खान के रूप में हुई है, जो कैनिंग (पूर्व) विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक शौकत मोल्ला का करीबी सहयोगी था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात बदमाशों ने पहले रज्जाक खान को घर लौटते समय नजदीक से गोली मारी। इसके बाद उन पर धारदार हथियारों से कई बार हमला किया गया।

वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने रज्जाक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बता दें कि भांगर क्षेत्र हमेशा से खूनी राजनीतिक हिंसा और हत्याओं के लिए चर्चाओं में रहा है, जिस वजह से यहां की बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए इसे कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में लाया गया था, लेकिन हालात में ज्यादा बदलाव नहीं आया और राजनीतिक झड़पों की खबरें बार-बार सामने आती रहती हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में भांगर के विधायक नौशाद सिद्दीकी ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के एकमात्र प्रतिनिधि हैं।

भांगर में 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद से क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर राजनीतिक झड़पों में दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) रहे हैं।

रज्जाक खान की हत्या को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने दावा किया कि एआईएसएफ के विधायक नौशाद सिद्दीकी इस हत्या के पीछे के मास्टरमाइंड हैं। रज्जाक खान की संगठनात्मक क्षमता और इलाके में लोकप्रियता लंबे समय से एआईएसएफ के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी।

हालांकि, सिद्दीकी ने दावा किया कि यह हत्या भांगर में तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम है और उनकी पार्टी का इसमें कोई हाथ नहीं है।

इस बीच, कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और कहा कि मामले की जांच शुरू हो गई है, लेकिन अभी और विवरण साझा नहीं किए जा सकते। उन्होंने पुष्टि की है कि मृत टीएमसी नेता के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रज्जाक खान की हत्या कब हुई?
यह हत्या 11 जुलाई को हुई थी।
क्या हत्या के पीछे राजनीतिक कारण हैं?
हां, यह हत्या राजनीतिक विवादों से संबंधित मानी जा रही है।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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