पश्चिम बंगाल चुनाव: मीनाखान में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या से फैली दहशत
सारांश
Key Takeaways
- मीनाखान क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या हुई है।
- मृतक की पहचान मोशियुर काजी के रूप में हुई है।
- हत्या के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- परिवार ने न्याय की मांग की है।
कोलकाता, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक तापमान चढ़ गया है, और इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले के मीनाखान क्षेत्र से एक चौंकाने वाली हत्या का मामला सामने आया है।
गुरुवार सुबह टीएमसी के एक स्थानीय कार्यकर्ता का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में खलबली मच गई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय मोशियुर काजी के रूप में हुई है, जो हारोआ विधानसभा क्षेत्र के गंगनिया गांव के निवासी थे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि काजी टीएमसी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। यह घटना मीनाखान विधानसभा क्षेत्र के सोनापुकुर-शंकरपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत झुझुरगाछा गांव में हुई। जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक शव देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचित किया। शव पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान थे और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था।
सूचना मिलते ही हारोआ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। चुनाव से ठीक पहले इस टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है।
मृतक के भाई ने बताया, "हमें सुबह खबर मिली। जब हमने शव देखा तो पहचान में आया कि यह मेरे भाई का है। उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। इसमें पुरानी राजनीतिक दुश्मनी का मामला है। हमें न्याय चाहिए।"
वहीं, बसीरहाट पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मृतक का चेहरा इतनी बुरी तरह से बिगाड़ दिया गया था कि पहली नजर में कोई पहचान नहीं पाया। काफी देर तक देखने के बाद ही स्थानीय लोग उसे पहचान सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश थी या कोई पुरानी दुश्मनी। जानकारी के मुताबिक, मृतक बुधवार रात घर से यह कहकर निकले थे कि वे काम से जा रहे हैं, लेकिन वापस नहीं लौटे। गुरुवार सुबह शव मिलने की खबर के बाद परिवार मौके पर पहुंचा और पहचान की।