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आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या पर राहुल गांधी का हमला — 'बंगाल में टीएमसी का गुंडाराज'

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आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या पर राहुल गांधी का हमला — 'बंगाल में टीएमसी का गुंडाराज'

सारांश

आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद हत्या पर राहुल गांधी ने TMC को घेरा। उन्होंने बंगाल में गुंडाराज बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजे की मांग की। यह घटना 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।

मुख्य बातें

कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की पश्चिम बंगाल के आसनसोल में चुनाव बाद हत्या कर दी गई।
राहुल गांधी ने 26 अप्रैल को एक्स पर टीएमसी को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए गुंडाराज बताया।
कांग्रेस ने सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजे की मांग की।
देबदीप आसनसोल उत्तर से कांग्रेस उम्मीदवार प्रसेनजीत पुइतांडी के करीबी सहयोगी थे।
यह घटना 2021 विधानसभा चुनाव के बाद से बंगाल में चले आ रहे चुनाव बाद हिंसा के पैटर्न की एक और कड़ी मानी जा रही है।
यह मामला 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

नई दिल्ली/कोलकाता, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद हत्या के मामले में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रविवार, 26 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बंगाल में अब लोकतंत्र नहीं, बल्कि टीएमसी का गुंडाराज चल रहा है। राहुल ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजे की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अनुसार, देबदीप चटर्जी आसनसोल उत्तर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार प्रसेनजीत पुइतांडी के करीबी सहयोगी थे। आरोप है कि मतदान के तुरंत बाद टीएमसी से जुड़े बदमाशों ने देबदीप पर बर्बर हमला किया और उन्हें बेरहमी से पीटा। चोटों की गंभीरता के कारण कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।

कांग्रेस का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से किया गया। पार्टी ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन का प्रमाण बताया है।

राहुल गांधी का तीखा बयान

राहुल गांधी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद टीएमसी से जुड़े गुंडों द्वारा की गई हत्या बेहद निंदनीय है। उन्होंने देबदीप के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

राहुल ने आगे लिखा, वोट के बाद विरोधी आवाजों को डराना, मारना, मिटाना — यही टीएमसी का चरित्र बन चुका है। कांग्रेस की राजनीति कभी हिंसा पर नहीं टिकी और न कभी टिकेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अहिंसा और संविधान का मार्ग चुना है — यही उनकी विरासत और संकल्प है।

राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करने वाली इस राजनीति के सामने कांग्रेस कभी नहीं झुकेगी और न्याय सुनिश्चित होकर रहेगा।

कांग्रेस की मांगें

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में तीन स्पष्ट मांगें रखीं — सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोरतम सजा और देबदीप के परिवार को पूर्ण सुरक्षा व मुआवजाकांग्रेस की राज्य इकाई ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

पार्टी का कहना है कि यह दुखद घटना राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने को उजागर करती है और पश्चिम बंगाल में विपक्षी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का पैटर्न

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा कोई नई घटना नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद भी व्यापक पैमाने पर हिंसा की खबरें आई थीं, जिसमें विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले, घर जलाने और पलायन के मामले सामने आए थे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उस समय राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया था।

आलोचकों का कहना है कि टीएमसी शासन में विपक्षी आवाजों को दबाने की प्रवृत्ति एक स्थापित पैटर्न बन चुकी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक तनाव चरम पर है।

यह मामला आने वाले दिनों में संसद और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस इसे 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के खिलाफ एक प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के उस पुराने और खतरनाक पैटर्न की एक और कड़ी है जो 2021 के बाद से बार-बार सामने आता रहा है। विडंबना यह है कि जो राज्य सरकार माँ-माटी-मानुष का नारा देती है, उसी राज्य में विपक्षी कार्यकर्ता अपनी जान गंवा रहे हैं। राहुल गांधी का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार और NHRC इस बार ठोस कार्रवाई करेंगे या यह भी पिछली घटनाओं की तरह महज बयानबाजी तक सिमट जाएगा। 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और यह हिंसा का माहौल लोकतंत्र की जड़ों को खोखला कर रहा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या कैसे हुई?
कांग्रेस के अनुसार, आसनसोल में देबदीप चटर्जी पर TMC से जुड़े बदमाशों ने चुनाव के बाद हमला किया और बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। देबदीप आसनसोल उत्तर से कांग्रेस उम्मीदवार प्रसेनजीत पुइतांडी के करीबी सहयोगी थे।
राहुल गांधी ने देबदीप चटर्जी हत्याकांड पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि बंगाल में टीएमसी का गुंडाराज चल रहा है और वोट के बाद विरोधी आवाजों को डराना-मारना TMC का चरित्र बन चुका है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजे की मांग की।
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का इतिहास क्या है?
2021 के विधानसभा चुनावों के बाद भी बंगाल में व्यापक हिंसा हुई थी जिसमें विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले और पलायन के मामले सामने आए थे। NHRC ने उस समय राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया था।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या मांगें रखी हैं?
कांग्रेस ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं — सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोरतम सजा और देबदीप चटर्जी के परिवार को पूर्ण सुरक्षा व उचित मुआवजा। पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता पर भी सवाल उठाए हैं।
इस घटना का 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले TMC के खिलाफ विपक्ष का एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता और राजनीतिक हिंसा के प्रतीक के रूप में उठाते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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