हैदराबाद एयरपोर्ट पर CISF की बड़ी कार्रवाई: कुआलालंपुर जाने वाले यात्री से ₹31 लाख की विदेशी मुद्रा जब्त
सारांश
Key Takeaways
- 26 अप्रैल 2026 को हैदराबाद एयरपोर्ट पर CISF ने कुआलालंपुर जाने वाले यात्री से ₹31 लाख की विदेशी मुद्रा जब्त की।
- CISF की CIW टीम ने संदिग्ध व्यवहार देख यात्री को रोका और X-BIS स्क्रीनिंग में मुद्रा पकड़ी।
- यात्री और जब्त मुद्रा को SOP के अनुसार कस्टम अधिकारियों को सौंपा गया, आगे की जांच जारी है।
- 22 अप्रैल 2026 को भी इसी एयरपोर्ट पर दुबई जाने वाले यात्री से ₹9.62 लाख की विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी।
- चार दिनों में हैदराबाद एयरपोर्ट से कुल ₹40 लाख से अधिक की अघोषित विदेशी मुद्रा जब्त की जा चुकी है।
- FEMA के तहत बिना घोषणा के $5,000 से अधिक विदेशी मुद्रा ले जाना गैरकानूनी है, उल्लंघन पर जब्ती और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
हैदराबाद, 26 अप्रैल 2026 — तेलंगाना के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, हैदराबाद पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की CIW टीम ने रविवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। कुआलालंपुर के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहे एक अंतरराष्ट्रीय यात्री के हैंड बैगेज से लगभग ₹31 लाख की विदेशी मुद्रा बरामद की गई। यात्री और जब्त मुद्रा को तत्काल सीमा शुल्क विभाग (Customs) को सौंप दिया गया।
कैसे हुई पहचान और क्या मिला बैग में
CISF की CIW टीम संदिग्ध व्यवहार और प्रोफाइलिंग के आधार पर यात्रियों की निगरानी करती है। 26 अप्रैल 2026 को टीम को उक्त यात्री के व्यवहार में असामान्यता नजर आई, जिसके बाद उसे रोककर X-BIS स्क्रीनिंग के लिए ले जाया गया।
स्क्रीनिंग के दौरान बैग की तस्वीरों में संदिग्ध वस्तुएं दिखीं। इसके बाद गहन तलाशी ली गई तो हैंड बैगेज से विभिन्न विदेशी मुद्राएं बरामद हुईं, जिनकी कुल भारतीय कीमत करीब ₹31 लाख आंकी गई। CISF ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए यात्री और जब्त मुद्रा को कस्टम अधिकारियों के हवाले किया।
CISF का आधिकारिक बयान
CISF ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए बताया कि संदिग्ध व्यवहार और प्रोफाइलिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए हैदराबाद हवाई अड्डे पर CIW टीम ने कुआलालंपुर जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री को रोका। X-BIS स्क्रीनिंग और विस्तृत जांच में हैंड बैगेज से लगभग ₹31 लाख की विदेशी मुद्रा बरामद हुई। यात्री और जब्त मुद्रा को SOP के अनुसार सीमा शुल्क अधिकारियों को सौंप दिया गया।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई — पैटर्न चिंताजनक
यह घटना अकेली नहीं है। इससे महज चार दिन पहले, 22 अप्रैल 2026 को भी CISF की इसी CIW टीम ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर दुबई जाने वाले एक यात्री को पकड़ा था। उस यात्री के बैग से अमेरिकी डॉलर, यूएई दिरहम और सऊदी रियाल बरामद हुए थे, जिनकी कुल कीमत ₹9.62 लाख थी।
यानी केवल चार दिनों के भीतर हैदराबाद एयरपोर्ट से कुल ₹40 लाख से अधिक की अघोषित विदेशी मुद्रा पकड़ी जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात की ओर संकेत करता है कि हवाई मार्ग से विदेशी मुद्रा की तस्करी एक संगठित समस्या बनती जा रही है।
कानूनी पक्ष: क्या कहता है नियम
भारत में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कोई भी व्यक्ति बिना घोषणा के $5,000 (लगभग ₹4.15 लाख) से अधिक की विदेशी मुद्रा भारत से बाहर नहीं ले जा सकता। इससे अधिक राशि ले जाने पर कस्टम विभाग को अनिवार्य घोषणा करनी होती है।
घोषणा न करने पर FEMA और सीमा शुल्क अधिनियम के तहत मुद्रा जब्त होने के साथ-साथ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में यात्री के खिलाफ कस्टम विभाग आगे की जांच करेगा।
व्यापक संदर्भ: हवाई अड्डों पर बढ़ती मुद्रा तस्करी
हाल के महीनों में देशभर के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों — मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद — पर विदेशी मुद्रा जब्ती की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हवाला नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए CISF और कस्टम विभाग के बीच समन्वय अब पहले से कहीं अधिक प्रभावी हो गया है।
आगे CISF और कस्टम विभाग की संयुक्त जांच में यह स्पष्ट होगा कि यह मुद्रा किस स्रोत से आई और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी संभावित भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।