दिल्ली में 'हीटवेव एक्शन प्लान 2026' लागू: सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कैसे बचेंगे भीषण गर्मी से

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दिल्ली में 'हीटवेव एक्शन प्लान 2026' लागू: सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कैसे बचेंगे भीषण गर्मी से

सारांश

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने 'हीटवेव एक्शन प्लान 2026' सक्रिय किया। 339 स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट पर, 9000 MW बिजली मांग का अनुमान, सैटेलाइट डेटा से हॉटस्पॉट चिन्हित, मजदूरों-बच्चों-पशुओं तक राहत का खाका तैयार।

Key Takeaways

  • हीटवेव एक्शन प्लान 2026 दिल्ली में लागू, सीएम रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को कड़े निर्देश जारी किए।
  • सैटेलाइट डेटा से चिन्हित हॉटस्पॉट में आयानगर (45.5°C), सफदरजंग (46.8°C) और नजफगढ़ (43.7°C) शामिल।
  • 339 स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट पर, 30 अस्पतालों में 5-बेड कूल रूम और 39 QRT टीमें तैनात।
  • दोपहर 12 से 3 बजे निर्माण स्थलों पर बाहरी काम पर पूर्ण प्रतिबंध, मजदूरों को टोपी-गमछे-आइस पैक्स मिलेंगे।
  • कश्मीरी गेट बस अड्डे पर 28,674 वर्ग फुट में रिफ्लेक्टिव कोटिंग पूरी, कूल रूफ पॉलिसी 2026 लागू।
  • इस सीजन पीक पावर डिमांड 9,000 MW पार करने का अनुमान, बिजली कटौती पर सख्त रोक

नई दिल्ली, 26 अप्रैल। राजधानी दिल्ली में इस साल भीषण गर्मी और लू से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'हीटवेव एक्शन प्लान 2026' को पूरी तरह सक्रिय करते हुए सभी विभागों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस बार की रणनीति पिछले वर्षों की तुलना में अधिक वैज्ञानिक और बहुआयामी है, जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर निर्माण मजदूरों और बेजुबान पशु-पक्षियों तक सबकी सुरक्षा का खाका तैयार किया गया है।

थर्मल हॉटस्पॉट की वैज्ञानिक पहचान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में पिछले 2-3 वर्षों से लगातार 40 दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने का गंभीर ट्रेंड देखा जा रहा है। इस बार सरकार ने सैटेलाइट डेटा के आधार पर पूरे शहर का वैज्ञानिक विश्लेषण करते हुए सबसे संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया है।

दक्षिण दिल्ली का आयानगर सर्वाधिक संवेदनशील है, जहां पूर्व में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज हो चुका है। पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में 2025 का उच्चतम तापमान 43.7 डिग्री और सफदरजंग में 2023 में 46.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।

इसके अलावा वजीरपुर, जहांगीरपुरी, ख्याला, शास्त्री पार्क, विश्वास नगर, हरकेश नगर, हरि नगर और दिल्ली गेट प्रमुख थर्मल हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। बाहरी दिल्ली के सावदा, मुबारकपुर डबास, भलस्वा, नंद नगरी, गोकुलपुरी और बक्करवाला में भी 'हीट आइलैंड' का गहरा असर दर्ज किया गया है।

इन क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त ओआरएस पैकेट्स, क्विक रेस्पॉन्स टीमें (QRT) और अधिक पानी के टैंकर तैनात किए जाएंगे।

बच्चों, मजदूरों और पशु-पक्षियों की विशेष सुरक्षा

सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक लू की स्थिति में स्कूली बच्चों को छुट्टी से पहले ओआरएस का घोल पिलाकर ही घर भेजा जाएगा, ताकि रास्ते में डिहाइड्रेशन का खतरा न रहे। यह कदम खासतौर पर उन बच्चों के लिए अहम है जो पैदल या खुले वाहनों से घर लौटते हैं।

निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए भीषण लू की स्थिति में दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच बाहरी कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। कार्यस्थलों पर मजदूरों को पानी के साथ-साथ सुरक्षा टोपी (कैप), गमछे, प्राथमिक चिकित्सा किट और आइस पैक्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), शिक्षा विभाग और दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि प्रमुख पार्कों, बस डिपो और स्कूल परिसरों में पक्षियों के लिए पानी के बर्तन और आवारा पशुओं के लिए विशेष जल संरचनाएं बनाई जाएं।

कूल रूफ पॉलिसी और मिस्टिंग सिस्टम

दिल्ली सरकार 'कूल रूफ पॉलिसी 2026' की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डे की छतों पर लगभग 28,674 वर्ग फुट में रिफ्लेक्टिव कोटिंग का काम पूरा हो चुका है, जिससे भवन के भीतर का तापमान उल्लेखनीय रूप से कम रहेगा।

बस स्टॉपों को ठंडा रखने के लिए हाई प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम और कंक्रीट के जंगलों में तापमान घटाने के लिए एंटी-स्मॉग गन्स का उपयोग किया जाएगा। व्यस्त बस स्टॉपों और बस टर्मिनलों पर पीने के ठंडे पानी और ओआरएस घोल की पानी की रेहड़ियां खड़ी करने का निर्णय लिया गया है।

स्वास्थ्य तंत्र और आपातकालीन व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली के सभी 13 जिलों में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है। 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष 5-बेड वाले कूल रूम तैयार किए गए हैं। 39 क्विक रेस्पॉन्स टीमें और प्रशिक्षित आशा वर्कर्स को एलर्ट मोड में रखा गया है।

किसी भी आपात स्थिति में नागरिक दिल्ली सरकार की 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1077, 1070 या 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

बिजली आपूर्ति पर सरकार का कड़ा रुख

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस गर्मी के मौसम में दिल्ली की पीक पावर डिमांड 9,000 मेगावाट के पार जाने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट से काफी अधिक है। बिजली कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अस्पतालों, जल उपचार संयंत्रों (WTP) और मोबाइल टावरों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के लिए 24×7 निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्राथमिकता प्रोटोकॉल लागू किया गया है। बिजली कंपनियों को अतिरिक्त क्विक रिस्पांस टीमें और मोबाइल ट्रांसफार्मर तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली में मई-जून 2024 में भी भीषण लू के दौरान बिजली संकट ने लाखों नागरिकों को परेशान किया था। उस अनुभव से सबक लेते हुए इस बार सरकार ने अप्रैल माह से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में 'अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट' साल-दर-साल तीव्र होता जा रहा है और इससे निपटने के लिए दीर्घकालिक हरित नीतियां भी उतनी ही जरूरी हैं जितनी तात्कालिक राहत योजनाएं।

आने वाले हफ्तों में तापमान के और बढ़ने की संभावना को देखते हुए दिल्ली सरकार की सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और नागरिकों से अपील की गई है कि वे दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा जमीन पर होगी — क्योंकि 2024 की भीषण गर्मी में भी इसी तरह के दावे किए गए थे और फिर भी बिजली कटौती व पानी की किल्लत ने आम दिल्लीवासियों को बेहाल किया था। सैटेलाइट डेटा से हॉटस्पॉट चिन्हित करना और कूल रूफ पॉलिसी जैसे कदम दीर्घकालिक सोच के संकेत हैं, लेकिन 'अर्बन हीट आइलैंड' की समस्या का स्थायी समाधान पेड़ों की कटाई रोकने और हरित आवरण बढ़ाने में है जिस पर सरकारें अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाई हैं। 9,000 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग का अनुमान यह भी बताता है कि एयर कंडीशनर की पहुंच रखने वाले संपन्न वर्ग और खुले आसमान तले काम करने वाले गरीब मजदूरों के बीच 'हीट इक्विटी' की खाई कितनी गहरी है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली का हीटवेव एक्शन प्लान 2026 क्या है?
'हीटवेव एक्शन प्लान 2026' दिल्ली सरकार की वह व्यापक रणनीति है जिसके तहत भीषण गर्मी और लू से नागरिकों, मजदूरों, बच्चों और पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसमें सैटेलाइट डेटा से हॉटस्पॉट चिन्हित करना, 339 स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखना और निर्बाध बिजली सुनिश्चित करना शामिल है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा गर्मी कहां पड़ती है?
सैटेलाइट डेटा के अनुसार दिल्ली के आयानगर (45.5°C), सफदरजंग (46.8°C, 2023) और नजफगढ़ (43.7°C, 2025) सबसे गर्म इलाके हैं। वजीरपुर, जहांगीरपुरी, भलस्वा, नंद नगरी और गोकुलपुरी भी प्रमुख हीट आइलैंड क्षेत्र हैं।
गर्मी में दिल्ली में आपात स्थिति में कहां कॉल करें?
दिल्ली सरकार की 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1077, 1070 या 112 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा 39 क्विक रेस्पॉन्स टीमें और आशा वर्कर्स भी अलर्ट मोड में तैनात हैं।
दिल्ली में इस गर्मी बिजली की मांग कितनी रहेगी?
अनुमान है कि 2026 की गर्मी में दिल्ली की पीक पावर डिमांड 9,000 मेगावाट को पार कर सकती है, जो 2025 की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट से काफी अधिक है। सरकार ने बिजली कंपनियों को कटौती न करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
निर्माण मजदूरों के लिए गर्मी में क्या नियम लागू होंगे?
भीषण लू की स्थिति में निर्माण स्थलों पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहरी कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मजदूरों को पानी, टोपी, गमछे, प्राथमिक चिकित्सा किट और आइस पैक्स उपलब्ध कराए जाएंगे।
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