क्या टीएमसी का वास्तविक अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और अपराध है? – संजय सरावगी

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क्या टीएमसी का वास्तविक अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और अपराध है? – संजय सरावगी

सारांश

क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने तुष्टिकरण और अपराध की राजनीति को बढ़ावा दिया है? बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस पर तीखा हमला किया है। जानिए उन्होंने इस मामले में क्या कहा और पश्चिम बंगाल की स्थिति पर उनकी क्या राय है।

Key Takeaways

  • टीएमसी का मतलब तुष्टिकरण और अपराध हो गया है।
  • पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है।
  • सरकारी कर्मचारी दबाव में आत्महत्या कर रहे हैं।
  • भाजपा इस दमनकारी शासन के खिलाफ है।
  • अशोक दास की मौत पर निष्पक्ष जांच की मांग।

पटना, १७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि टीएमसी का असली मतलब तुष्टिकरण, माफिया और अपराध हो गया है।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की भूमि कभी लोकतांत्रिक चेतना और बौद्धिक परंपरा के लिए जानी जाती थी, लेकिन आज इसे भय, दबाव और राजनीतिक हिंसा का अड्डा बना दिया गया है। भाजपा के अध्यक्ष सरावगी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में एक बीएलओ अशोक दास की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए प्रश्न उठाया कि क्या चुनाव ड्यूटी निभाना भी अब पश्चिम बंगाल में जान का जोखिम बन गया है?

उन्होंने एक बयान में कहा कि जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ दास एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी थे, जिन पर टीएमसी नेताओं द्वारा लगातार दबावमानसिक दबाव और भय के कारण आत्महत्या करने का कदम उठाया।

उन्होंने कहा, "आज टीएमसी के शासन में वहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी को छोड़कर कोई भी सुरक्षित नहीं है। पश्चिम बंगाल और देश की जनता भी सुरक्षित नहीं है।" मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद को लोकतंत्र की रक्षक कहती हैं, तो फिर आज चुप क्यों हैं? क्या पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों को बचाने की राजनीति इतनी बड़ी हो गई कि देश के नागरिकों, चुनाव अधिकारियों और उनके परिवारों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई?

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अशोक दास की मौत के जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ममता बनर्जी के शासन में बंगाल अब 'शोनार बांग्ला' नहीं, बल्कि 'खूनी खेल का मैदान' बन चुका है। जहां एक ओर सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने के डर से जान दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे खुलेआम चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को आग के हवाले कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "टीएमसी एसआईआर को लेकर हिंसा पर उतर आती है। यह 'तुष्टिकरण की राजनीति' का सबसे भयानक चेहरा है, जहां वोट बैंक को बचाने के लिए पूरे संवैधानिक ढांचे पर प्रहार किया जा रहा है।"

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कई उदाहरणों के माध्यम से कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के आगे टीएमसी के लिए देश की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण नहीं रह गई है। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में आज न लोकतंत्र सुरक्षित है, न लोकतांत्रिक व्यवस्था और न ही वे लोग जो इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को चलाते हैं। भाजपा इस दमनकारी शासन के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।"

बिहार भाजपा ने अशोक दास मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और चाकुलिया में हिंसा करने वाले टीएमसी गुंडों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।

Point of View

बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

टीएमसी का क्या अर्थ है?
टीएमसी का अर्थ तृणमूल कांग्रेस है, जो एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है।
संजय सरावगी ने किस मुद्दे पर बात की?
उन्होंने टीएमसी की तुष्टिकरण और अपराध की राजनीति पर सवाल उठाए।
क्या अशोक दास की आत्महत्या का कोई राजनीतिक पहलू है?
हाँ, इसे टीएमसी नेताओं द्वारा दबाव के कारण बताया गया है।
पश्चिम बंगाल में सुरक्षा की स्थिति क्या है?
इस समय पश्चिम बंगाल में कई नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
भाजपा ने इस मामले में क्या कार्रवाई की मांग की है?
भाजपा ने उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और टीएमसी गुंडों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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