क्या एआईएडीएमके ने एमजीआर की जयंती पर चुनावी एजेंडा निर्धारित किया है?

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क्या एआईएडीएमके ने एमजीआर की जयंती पर चुनावी एजेंडा निर्धारित किया है?

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी में एआईएडीएमके ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की है। इस अवसर पर पांच महत्वपूर्ण वादों की घोषणा की गई है जो एमजीआर की जयंती पर केंद्रित हैं। जानिए इन वादों के बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • कुला विलक्कू योजना: हर माह 2,000 रुपये की सहायता
  • मुफ्त सार्वजनिक परिवहन: पुरुषों के लिए भी मुफ्त यात्रा
  • अम्मा इल्लम योजना: बेघर लोगों के लिए पक्के मकान
  • ग्रामीण रोजगार: 150 दिन की गारंटी
  • अम्मा टू-व्हीलर योजना: महिलाओं को 25,000 रुपये की सब्सिडी पर दोपहिया वाहन

चेन्नई, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी में एआईएडीएमके ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए पांच महत्वपूर्ण वादों की घोषणा की है। ये घोषणाएं पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) की 109वीं जयंती के अवसर पर की गईं, और इनका मुख्य फोकस कल्याण, आवास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर है।

एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने चेन्नई में पार्टी मुख्यालय में एमजीआर और दिवंगत जे. जयललिता की प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में इन वादों का ऐलान किया।

पहला वादा “कुला विलक्कू योजना” से संबंधित है, जिसके अंतर्गत सभी परिवारों के राशन कार्ड धारकों को प्रत्येक महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे परिवार के मुखिया के बैंक खाते में जमा की जाएगी, जिससे घरेलू वित्तीय दबाव कम होगा।

दूसरा वादा सार्वजनिक परिवहन से संबंधित है। एआईएडीएमके ने शहर की बसों में पुरुषों के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा की है, जबकि महिलाओं के लिए पूर्व से लागू मुफ्त बस यात्रा योजना को जारी रखने का आश्वासन दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत, शहरों में बस यात्रा पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए पूरी तरह से मुफ्त होगी।

तीसरा वादा आवास से संबंधित है, जिसे “अम्मा इल्लम योजना” कहा गया है। इसके तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर लोगों के लिए सरकार भूमि खरीदकर पक्के मकान बनाएगी। शहरी क्षेत्रों में सरकारी अधिग्रहित भूमि पर अपार्टमेंट शैली के घरों का निर्माण कर उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। अनुसूचित जाति परिवारों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए विवाहित पुत्रों को भी अलग पक्के मकान देने की योजना है।

चौथा वादा ग्रामीण रोजगार पर केंद्रित है। एआईएडीएमके ने रोजगार गारंटी योजना के तहत काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 दिन करने का संकल्प लिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका और विकास को बढ़ावा देना है।

पांचवां और अंतिम वादा “अम्मा टू-व्हीलर योजना” का विस्तार है, जिसके अंतर्गत पांच लाख महिलाओं को दोपहिया वाहन प्रदान किए जाएंगे, जिन पर प्रति लाभार्थी 25,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की गतिशीलता, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।

इन सभी वादों के माध्यम से एआईएडीएमके ने अपनी कल्याणकारी विरासत को पुनर्जीवित करने और चुनावी मौसम के लिए एक स्पष्ट राजनीतिक एजेंडा प्रस्तुत करने का संकेत दिया है।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम राजनीतिक घोषणाओं की विश्वसनीयता और उनके प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन करें। एआईएडीएमके के वादों का लक्ष्य स्पष्ट रूप से कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करना है, लेकिन यह देखना होगा कि इन वादों को चुनावी प्रक्रिया में कितना गंभीरता से लिया जाता है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

एआईएडीएमके ने कौन से प्रमुख वादे किए हैं?
एआईएडीएमके ने कुला विलक्कू योजना, मुफ्त सार्वजनिक परिवहन, अम्मा इल्लम योजना, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, और अम्मा टू-व्हीलर योजना के तहत वादों की घोषणा की है।
क्या ये वादे चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण हैं?
हां, ये वादे चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये जनता के कल्याण और विकास पर केंद्रित हैं।
एमजीआर की जयंती पर ये वादे क्यों घोषित किए गए?
ये वादे एमजीआर की 109वीं जयंती पर घोषित किए गए हैं, जो एआईएडीएमके की कल्याणकारी विरासत को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है।
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