पंजाब के 72 शिक्षक फिनलैंड रवाना: चौथा बैच सीखेगा विश्वस्तरीय शिक्षण पद्धति
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार की शिक्षा सुधार मुहिम के तहत 72 सरकारी स्कूल शिक्षकों का चौथा प्रतिनिधिमंडल 16 मई 2025 को फिनलैंड के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य फिनलैंड की विश्व-प्रसिद्ध शिक्षण पद्धतियों, आधुनिक शैक्षिक उपकरणों और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण को पंजाब के सरकारी स्कूलों में लागू करना है।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षकों की विदाई के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, '72 शिक्षक नए तरीके की शिक्षण पद्धति और नए शैक्षिक उपकरणों में प्रशिक्षण लेने के लिए फिनलैंड रवाना हो गए हैं। हम शिक्षा को पूरी तरह बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' यह पहल राज्य की शिक्षा नीति में संरचनात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शिक्षा मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह फिनलैंड जाने वाला चौथा बैच है। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री भगवंत मान शिक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान देने वाले मुख्यमंत्री हैं। वे शायद देश के इकलौते मुख्यमंत्री हैं, जो कक्षा 8, 10 और 12 के टॉपर्स को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद व्यक्तिगत रूप से अपने आवास पर आमंत्रित करते हैं और सम्मानित करते हैं।' गौरतलब है कि पहले तीन बैच पहले ही यह प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं और उनके अनुभव वर्तमान बैच के लिए मार्गदर्शक बने हैं।
शिक्षकों की प्राथमिकताएँ
प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक शिक्षक ने बताया कि उनका मुख्य फोकस प्ले-वे मेथड, बाल-केंद्रित शिक्षा और बच्चों के समग्र विकास से जुड़ी नई तकनीकों पर रहेगा। उन्होंने कहा कि पहले बैच के अनुभव पहले से साझा हो चुके हैं, जिनसे तैयारी में बड़ी मदद मिली है।
एक अन्य शिक्षिका ने बताया, 'फिनलैंड के स्कूलों में इस्तेमाल होने वाले खेल-खेल में सिखाने वाले तरीके और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण हमारे पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहले से ही कुछ हद तक लागू हैं। वहां से और बेहतर तरीके सीखकर हम इन्हें और प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।'
फिनलैंड मॉडल क्यों?
फिनलैंड को वैश्विक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शीर्ष देशों में गिना जाता है। वहाँ की शिक्षा प्रणाली रटने पर नहीं, बल्कि समझ, जिज्ञासा और व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित है। पंजाब सरकार का मानना है कि इस मॉडल को अपनाने से राज्य के सरकारी स्कूलों में सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
आगे की योजना
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक पंजाब लौटकर अर्जित ज्ञान को अपने-अपने विद्यालयों में लागू करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब लाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।