फाल्टा में वोटरों को धमकाने का आरोप: चुनाव आयोग ने TMC उम्मीदवार के सहयोगियों के खिलाफ FIR का दिया आदेश
सारांश
Key Takeaways
चुनाव आयोग (ECI) ने 2 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर जिला पुलिस को निर्देश दिया कि वह फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी सहयोगियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन सहयोगियों ने भाजपा (BJP) को वोट देने पर उन्हें और उनके परिजनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
आयोग की चेतावनी
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने डायमंड हार्बर जिला पुलिस को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि वह एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में विफल रहती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश चुनाव आयोग की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत वह राज्य पुलिस को सीधे जवाबदेह ठहराता है।
दोबारा मतदान की सिफारिश और ईवीएम विवाद
दक्षिण 24 परगना जिले की सभी विधानसभा सीटों, जिनमें फाल्टा भी शामिल है, पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। आयोग द्वारा नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने शुक्रवार को फाल्टा के 30 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की थी, हालांकि आयोग ने इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। BJP ने पूरे फाल्टा क्षेत्र में दोबारा मतदान की माँग की, यह आरोप लगाते हुए कि कुछ बूथों पर BJP उम्मीदवार के नाम और फोटो के बगल में स्थित ईवीएम के बटन सफेद टेप से ढके हुए थे।
मतदान से पहले का विवाद
29 अप्रैल को मतदान से पूर्व ही फाल्टा राष्ट्रीय चर्चा में आ गया था। इसकी वजह TMC उम्मीदवार जहांगीर खान और आयोग द्वारा नियुक्त विशेष पुलिस पर्यवेक्षक — उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा — के बीच हुई बातचीत थी, जिसने व्यापक ध्यान खींचा। गौरतलब है कि यह प्रकरण चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मतदान के दिन हिंसा की खबरें
29 अप्रैल को मतदान के दिन डायमंड हार्बर उप-मंडल के अंतर्गत आने वाले फाल्टा और आसपास के विधानसभा क्षेत्रों से छिटपुट हिंसा की खबरें भी सामने आईं। यह ऐसे समय में हुआ जब पूरे राज्य में चुनावी माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था।
आगे क्या होगा
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को सम्पन्न हुए। वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा 4 मई को होनी है। फाल्टा में पुनर्मतदान और एफआईआर को लेकर आयोग का अगला कदम चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।