टीएमसी की आंतरिक बैठक में जहांगीर खान के निष्कासन की मांग, ममता की अध्यक्षता में उठे विद्रोही स्वर
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नवनिर्वाचित विधायकों की आंतरिक बैठक में 19 मई 2026 को कोलकाता में जहांगीर खान को तत्काल पार्टी से निष्कासित करने की मांग उठी। यह बैठक पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पार्टी महासचिव व लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी भी उपस्थित थे। जहांगीर खान का यह कदम पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष की पहली बड़ी सार्वजनिक अभिव्यक्ति माना जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
फाल्टा विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 21 मई को निर्धारित पुनर्मतदान से अपना नाम वापस लेने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा फाल्टा के लिए विशेष पैकेज की घोषणा पर उनका सार्वजनिक धन्यवाद भी किया। खान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह निर्णय पार्टी नेतृत्व या अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर लिया गया था अथवा नहीं।
पार्टी का रुख और विधायकों की माँग
TMC ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि जहांगीर खान का यह कदम उनका व्यक्तिगत फैसला है, पार्टी का कोई निर्देश नहीं। बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, निष्कासन की माँग मुख्य रूप से तीन विधायकों ने उठाई — बेलियाघाटा से विधायक कुणाल घोष, एंटाली से विधायक संदीपन साहा, और हावड़ा जिले की उलूबेरिया (पूर्व) सीट से विधायक ऋतब्रत बनर्जी।
आंतरिक असंतोष की व्यापक तस्वीर
सूत्रों के मुताबिक इन विधायकों ने केवल जहांगीर खान के मामले तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी — उन्होंने पार्टी के भीतर विभिन्न मुद्दों, विशेषकर विधायकों की आंतरिक शिकायतों पर खुलकर चर्चा के लिए अधिक स्वतंत्र माहौल की भी माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC को केवल 80 सीटें मिली थीं। बैठक में सभी 80 विधायकों को बुलाया गया था, परंतु 15 विधायक अनुपस्थित रहे — जो स्वयं में एक संकेत है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध विधायकों के भीतर बढ़ते असंतोष का पहला बड़ा संकेत है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद TMC के कई वरिष्ठ नेता पहले ही खुलकर पार्टी नेतृत्व की आलोचना कर चुके हैं। अब यह नाराजगी नवनिर्वाचित विधायकों के बीच भी दिखाई देने लगी है, जो दर्शाता है कि असंतोष की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।
आगे क्या होगा
जहांगीर खान के निष्कासन पर TMC नेतृत्व का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है। पार्टी के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वह विधायकों की आंतरिक शिकायतों को किस प्रकार संभालती है — खासकर तब जब 21 मई का पुनर्मतदान सिर पर है।