फाल्टा से जहांगीर खान के पीछे हटने पर BJP का तंज: 'पुष्पा फुस्स हो गया, एबी भी झुकेगा'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव न लड़ने की घोषणा की, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने 19 मई को कोलकाता में मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार 'पुष्पा' 'फुस्स' हो गया। गौरतलब है कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि बीत चुकी है, इसलिए ईवीएम पर जहांगीर खान का नाम बना रहेगा।
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि कई लोग 'पुष्पा' बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार 'पुष्पा' पूरी तरह फ्लॉप हो गया। उन्होंने TMC नेता और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी तस्वीरों पर 'एबी झुकेगा नहीं' लिखा होता था, उनका एजेंट अब झुक चुका है और आने वाले समय में 'एबी' भी झुकेगा।
BJP नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों से लोग स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर पा रहे थे और धांधली का माहौल रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पार्टी के 80 विधायक हों, उसका उम्मीदवार यदि अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा करे, तो यह उस पार्टी की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है।
जहांगीर खान का बयान और TMC का पक्ष
मंगलवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहांगीर खान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की है और इसी के मद्देनज़र वे चुनाव से अपना नाम वापस ले रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह फैसला अभिषेक बनर्जी या TMC के शीर्ष नेतृत्व के किसी निर्देश पर आधारित है या नहीं। तृणमूल कांग्रेस ने इसे जहांगीर का निजी फैसला बताया है।
उल्लेखनीय है कि नामांकन वापस लेने की समय-सीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसका अर्थ है कि भले ही जहांगीर खान प्रचार न करें, ईवीएम पर उनका नाम और बटन बना रहेगा।
अभिषेक बनर्जी को नोटिस और BJP का रुख
नगर निगम द्वारा TMC नेता अभिषेक बनर्जी को नोटिस दिए जाने के मामले पर लॉकेट चटर्जी ने कहा कि सरकार कानून और संविधान के अनुसार कदम उठा रही है। उन्होंने TMC नेता कुणाल घोष के बयानों पर भी टिप्पणी करते हुए सुकांत मजूमदार के हवाले से कहा कि वे रस्सी पर चल रहे हैं — कभी बाएं, कभी दाएं — और उनके बयानों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।
आम मतदाताओं पर असर
BJP नेताओं के अनुसार फाल्टा में मतदाताओं को वर्षों से वोट देने से रोका जाता रहा है। उनका दावा है कि नई सरकार के आने के बाद इन कथित अत्याचारों का हिसाब लिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
आगे क्या होगा
चूँकि नामांकन वापसी की तिथि निकल चुकी है, फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान जहांगीर खान का नाम ईवीएम पर रहेगा। यह देखना होगा कि TMC इस सीट पर अपनी रणनीति किस तरह तय करती है और क्या पार्टी किसी वैकल्पिक उम्मीदवार का समर्थन करती है।