क्या अभिषेक बनर्जी का बयान परिवारवाद की राजनीति को दर्शाता है? : तरुण चुघ
सारांश
Key Takeaways
- परिवारवाद की राजनीति का विरोध जरूरी है।
- देश हित के लिए घुसपैठियों की पहचान आवश्यक है।
- पश्चिम बंगाल की जनता राजनीतिक बदलाव के लिए तैयार है।
- डबल इंजन की सरकार विकास को प्राथमिकता देगी।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के बयान को परिवारवाद की राजनीति से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि इसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के हर शब्द में अहंकार झलक रहा था। यह परिवारवाद की मानसिकता लोकतंत्र और संविधान का स्पष्ट अपमान कर रही है। देश की जनता यह सब देख रही है, और आने वाले दिनों में इन लोगों को इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।
तरुण चुघ ने देश में घुसपैठियों की मौजूदगी को एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि देशहित के लिए सभी घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना आवश्यक है, तभी स्थिति दुरुस्त हो पाएगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में टीएमसी घुसपैठियों का संरक्षण कर रही है। इन लोगों के बीच संरक्षण देने की होड़ लगी हुई है, लेकिन हम उनकी इस मंशा को किसी भी हाल में पूरा नहीं होने देंगे। घुसपैठियों को चिन्हित करने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
तरुण चुघ ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता इस बार सीएम ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रदेश की जनता ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
भाजपा नेता ने विश्वास जताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में डबल इंजन की सरकार आएगी, जो केवल विकास को प्राथमिकता देगी। यह सरकार विकास से संबंधित कामों को पहले तरजीह देगी और किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।